Bhagalpur Bridge News: भागलपुर के बहुचर्चित विक्रमशिला सेतु पर आवागमन को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण पुल पर निर्मित चार बेली ब्रिज का विस्तृत निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गहन समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मंत्री शैलेंद्र ने बताया कि विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होने की घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले का संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की और इस आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया था। इसके बाद राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के संयुक्त और त्वरित प्रयासों से रिकॉर्ड समय के भीतर इन बेली ब्रिज का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
रिकॉर्ड समय में तैयार हुए बेली ब्रिज
ई. कुमार शैलेंद्र ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भागलपुर जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और अन्य सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर दिन-रात अथक मेहनत की। उनकी कड़ी मेहनत और समन्वय का ही परिणाम है कि देश में पहली बार इतने कम समय में हैंगर ट्रस पर बेली ब्रिज का निर्माण संभव हो पाया है। उन्होंने पुष्टि की कि आज निर्माण कार्य की अंतिम समीक्षा और निरीक्षण किया गया है, और सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह संतोषजनक पाई गई हैं। यह एक बड़ी इंजीनियरिंग सफलता है जो राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
मंत्री ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान में तैयार किए गए इन बेली ब्रिज में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है और इन्हें पूरी तरह से सुरक्षित बनाया गया है। उन्होंने सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर दिया और बताया कि पुल से गुजरने वाले वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
7 जून से आवागमन होगा शुरू
मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि ये चारों बेली ब्रिज आगामी 7 जून को सुबह 10 बजे से जनता को समर्पित कर दिए जाएंगे। इस उद्घाटन के बाद छोटे वाहनों के लिए विक्रमशिला सेतु पर आवागमन फिर से सुगम हो जाएगा, जिससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। लम्बे समय से बंद पड़े इस मार्ग पर वाहनों की वापसी से व्यापार और दैनिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने भी जानकारी देते हुए बताया कि 7 जून को सुबह 10 बजे से बेली ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्ग से केवल छोटे वाहनों को ही आवागमन की अनुमति होगी। बड़े और भारी वाहनों के लिए पहले से ही वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात प्रबंधन सुचारु बना रहे और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह कदम देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है। यह बिहार इंफ्रास्ट्रक्चर न्यूज़ के लिए एक सकारात्मक विकास है।
स्थायी समाधान पर गहन विचार-विमर्श
स्थायी समाधान के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री शैलेंद्र ने बताया कि इसकी तकनीकी समीक्षा और विस्तृत जांच अभी भी जारी है। सभी तकनीकी पहलुओं और विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर अंतिम निर्णय 15 सितंबर के बाद ही लिया जाएगा, जब सभी रिपोर्टों और अध्ययनों पर विस्तृत चर्चा पूरी हो जाएगी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो भी स्थायी समाधान निकले, वह दीर्घकालिक और सुरक्षित हो।
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विक्रमशिला सेतु पर इन नए बेली ब्रिज के शुरू होने से भागलपुर और उत्तरी बिहार के विभिन्न जिलों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यह न केवल दैनिक यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।







