
सड़क दुर्घटना: दिल्ली से लौटते समय भागलपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह का यूपी के कन्नौज के पास एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। इस दुखद खबर से जहां एक ओर पार्टी में शोक की लहर है, वहीं उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रवीण सिंह की साली, भतीजा और ड्राइवर भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
यह हादसा तब हुआ जब प्रवीण सिंह कुशवाहा दिल्ली से अपने घर भागलपुर लौट रहे थे। कन्नौज के पास हुए इस भीषण सड़क दुर्घटना ने उन्हें हम सभी से छीन लिया। राहगीरों और स्थानीय पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। दुख की बात है कि शुक्रवार शाम करीब 6 बजे डॉक्टरों ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार यह सड़क हादसा शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे कन्नौज के तालग्राम थाना क्षेत्र में हुआ। कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से रगड़ती हुई एनपीआर के मध्य स्थित पिलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
सड़क दुर्घटना के बाद का मंजर
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। प्रवीण सिंह के निधन की खबर सुनते ही उनके गृह जिले भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों में और खास तौर पर भागलपुर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा सदमा है।
करीब एक महीने पहले ही प्रवीण सिंह कुशवाहा को भागलपुर कांग्रेस का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरु का आभार व्यक्त किया गया था। कार्यकर्ताओं का मानना था कि प्रवीण सिंह जैसे समर्पित और जमीन से जुड़े नेता के आने से जिले में पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
संगठन और पार्टी के प्रति समर्पण
लगभग 20 दिन पहले भागलपुर जिला कांग्रेस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा था कि उनके जीवन में संगठन और पार्टी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की थी। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने उन्हें एक संघर्षशील नेता बताया था और विश्वास जताया था कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई धार मिलेगी।
हादसे से कुछ घंटे पहले ही प्रवीण सिंह कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट किया था। उन्होंने बिहार के एक युवक पांडव कुमार की हत्या में न्याय की मांग की थी। उन्होंने लिखा था, “दिल्ली की सड़कों पर एक और बिहारी युवा की जान चली गई। पांडव कुमार एक सपना, एक उम्मीद था, जिसे सत्ता की चुप्पी और सिस्टम की गोली ने खत्म कर दिया।” उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या यही डबल इंजन सरकार का न्याय है और क्या इसी दिन के लिए “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का नारा दिया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
चुनावी सफर और राजनीतिक पहचान
प्रवीण सिंह कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने भागलपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, उस चुनाव में राजद ने भी अपना प्रत्याशी उतारा था और प्रवीण सिंह कुशवाहा अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाए थे।
उनके आकस्मिक निधन से बिहार के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में एक बड़ी क्षति हुई है। प्रवीण सिंह को उनके समर्पण, जमीनी जुड़ाव और पार्टी के प्रति निष्ठा के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इस दुखद घड़ी में देशज टाइम्स उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







