
Bhagalpur News: भागलपुर की सियासी फिजाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों का धुआं उठ रहा है, और इस आग को हवा दे रही है नगर निगम की दहलीज पर शुरू हुई एक पार्षद की सीधी बगावत, जिसने मेयर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bhagalpur News: क्यों शुरू हुआ निगम में विरोध का सिलसिला?
भागलपुर नगर निगम का परिसर मंगलवार को एक अप्रत्याशित विरोध का गवाह बना। वार्ड संख्या 13 के पार्षद रंजीत मंडल ने मेयर की कार्यशैली और कथित मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं, और उनका एक ही प्रण है – जब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इस घटना ने नगर निगम की आंतरिक राजनीति में भूचाल ला दिया है। पार्षद रंजीत मंडल का आरोप है कि निगम के भीतर पार्षदों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है और उन्हें किसी भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र का अपमान है, जहां चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज को दबाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार और असामाजिक तत्वों को ठेकेदारी का गंभीर आरोप
पार्षद मंडल ने केवल अधिकारों के हनन का ही नहीं, बल्कि गंभीर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों और ठेकों के आवंटन में कोई पारदर्शिता नहीं है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इस नगर निगम भ्रष्टाचार के तार असामाजिक तत्वों से जुड़े हैं, जिन्हें जानबूझकर ठेकेदारी दी जा रही है।
रंजीत मंडल ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि निगम प्रशासन को इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और पार्षदों को उनके संवैधानिक अधिकार वापस देने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, वे अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले पर मेयर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






