
Census of India 2027: जैसे चुनावों से पहले मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा होती है, वैसे ही देश के विकास की हर योजना का आधार होती है जनगणना। इसी महायज्ञ की पहली आहुति अब भागलपुर की धरती पर दी जा रही है, जहां देश के भविष्य की नीतियों को आकार देने वाले आंकड़ों को जुटाने की पहली पाठशाला शुरू हो गई है।
भागलपुर के समीक्षा भवन में सोमवार को भारत की जनगणना 2027 के महाअभियान का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इसके तहत प्रथम चरण में मकानों की सूची बनाने और उनकी गणना करने के लिए जिला एवं नगर निगम स्तर के चार्ज अधिकारियों का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम इस राष्ट्रव्यापी अभियान की नींव का पत्थर साबित होगा।
Census of India 2027: जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर दिया सटीकता का संदेश
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना का कार्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सीधी भागीदारी है। उन्होंने कहा, “आपकी एक छोटी सी भूल भी योजनाओं के निर्माण पर बड़ा असर डाल सकती है, इसलिए इस जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा और सटीकता के साथ पूरा करना हमारा परम कर्तव्य है।” जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के हर पहलू को गंभीरता से समझा जाए ताकि धरातल पर काम करते समय किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि न हो।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं से तैयार हुए मास्टर ट्रेनर आगे ब्लॉक स्तर पर कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। देश के विकास का खाका इन्हीं आंकड़ों पर तैयार होता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसलिए आंकड़ों की शुद्धता सर्वोपरि है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस अभियान की सफलता पूरी तरह से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की लगन और प्रशिक्षण पर निर्भर करती है।
जिले के शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर जिले के लगभग सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद रहकर इसकी गंभीरता को रेखांकित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी कृष्णचंद्रगुप्त, अपर समाहर्ता दिनेश राम और अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अगले छह दिनों तक चलने वाले इस गहन प्रशिक्षण में अधिकारियों को मकान सूचीकरण और गणना की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं और मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करा सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि जमीनी स्तर पर जनगणना कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो।






