Bhagalpur Dowry Case: भागलपुर से दहेज प्रताड़ना का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता को मारपीट के बाद जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप लगा है। भागलपुर के मायागंज अस्पताल में पीड़िता निशा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। सजौर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत स्थित घोरगांव से यह गंभीर वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
खैरा निवासी निशा ने अपने पति मोहम्मद शाहबाज, सास और ससुर पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने और अंततः यह जघन्य अपराध करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के परिजनों ने भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






हद हो गई! दहेज के लिए नवविवाहिता को जबरन पिलाया जहर, जिंदगी-मौत की जंग
Bihar Dowry Case: बिहार के भागलपुर में दहेज प्रताड़ना का एक खौफनाक मामला सामने आया है। सजौर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत स्थित घोरगांव में नवविवाहिता निशा को कथित तौर पर मारपीट के बाद जबरन कीटनाशक पिला दिया गया। गंभीर हालत में उसे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह घटना एक गंभीर Bihar Dowry Case की ओर इशारा करती है, जिसमें मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं।
खैरा निवासी निशा ने अपने पति मोहम्मद शाहबाज, सास और ससुर पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज की मांग को लेकर परेशान करने लगा।
पहले 25 हजार फिर 4 लाख की मांग, नहीं देने पर जानलेवा हमला
निशा के मुताबिक, ससुराल वालों ने पहले 25 हजार रुपये और फिर 50 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई और वे चार लाख रुपये लाने का दबाव बनाने लगे। मांग पूरी न होने पर निशा के साथ लगातार मारपीट की जाती थी। उसका एक तीन महीने का बच्चा भी है।
निशा ने बताया, ‘बीती रात मामूली विवाद के बाद मेरे पति, सास और ससुर ने मिलकर मेरी पिटाई की। इसके बाद उन्होंने मुझे जबरन कीटनाशक पिला दिया।’
निशा की हालत बिगड़ने पर उसके मायके वालों को सूचना मिली। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद उसे ई-रिक्शा से मायागंज अस्पताल पहुंचाया। अब पीड़िता के परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सजौर पुलिस से संपर्क का प्रयास और कानूनी कार्रवाई की उम्मीद
निशा ने बताया कि पहले की घटनाओं की शिकायत पुलिस में नहीं की गई थी, लेकिन अब वे इस जानलेवा हमले के बाद कानूनी कार्रवाई करेंगे। इस मामले में सजौर थानाध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा के भयावह परिणामों को उजागर किया है, और न्याय के लिए पीड़ितों की लड़ाई को रेखांकित किया है।
जुल्म की दास्तान: शादी के बाद से ही शुरू हुई प्रताड़ना
निशा ने अस्पताल में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी शादी घोरगांव निवासी मोहम्मद शाहबाज से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। पहले 25 हजार रुपये मांगे गए, फिर 50 हजार रुपये लिए गए, और बाद में 4 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा।
निशा ने आरोप लगाया, “पहले 25 हजार रुपये, फिर 50 हजार रुपये लिए गए और बाद में चार लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर मेरे साथ लगातार मारपीट की जाती थी।”
इस प्रताड़ना के बीच निशा का एक तीन महीने का मासूम बच्चा भी है, जिसके सामने उसकी मां को यह दर्दनाक यातनाएं दी गईं। दहेज की यह मांग पूरी न होने पर उसे रोज शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था।
मामूली विवाद बना मौत का फंदा?
पीड़िता ने बताया कि बीती रात एक मामूली विवाद के बाद उसके पति, सास और ससुर ने पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद, उन्होंने मिलकर उसे जबरन कीटनाशक पिला दिया। निशा की हालत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसके मायके वालों को सूचना दी गई।
परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद उसे ई-रिक्शा से मायागंज अस्पताल पहुंचाया, जहां अब उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की कोशिश कर रही है।
निशा ने यह भी बताया कि पहले की घटनाओं को लेकर उसने पुलिस में शिकायत नहीं की थी, लेकिन अब परिवार ने कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस मामले में सजौर थानाध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष अभी तक नहीं मिल सका है। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि इस जघन्य अपराध के दोषियों को सजा मिल सके।







