
रंगदारी मामला: गिरफ्तारी से इलाके में राहत, खुलेआम घूम रहा था अपराधगर्द
भागलपुर में व्यापारियों से रंगदारी वसूलने वाले कुख्यात अपराधी चंद्रभानु उर्फ टिब्बा मंडल और उसके सहयोगी अकबाली यादव को पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। करीब पांच महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे इन अपराधियों की गिरफ्तारी से इलाके में राहत की सांस ली गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। सबसे पहले, मामले के प्राथमिक अभियुक्त अकबाली यादव, जो गोरेलाल यादव का पुत्र है, को एकचारी दियरा के उसयारी बासा से गिरफ्तार किया गया।
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कैसे पकड़े गए कुख्यात अपराधी?
अकबाली यादव से मिली निशानदेही के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद्रभानु उर्फ टिब्बा मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया। टिब्बा को बड़ी मोहनपुर ख्वासपुर एकचारी दियरा स्थित जटाधारी बाबा मंदिर के समीप से धर दबोचा गया। इन दोनों की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
क्या था पूरा रंगदारी मामला?
यह पूरा मामला घोघा थाना क्षेत्र का है, जहां पन्नूचक निवासी दिवंगत जगदीस साह के पुत्र संजीव गुप्ता से रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में संजीव गुप्ता ने बीते 29 दिसंबर 2023 को घोघा थाना में चंद्रभानु उर्फ टिब्बा मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह कार्रवाई उसी घटना के एवज में की गई है। इस गिरफ्तारी की जानकारी कहलगांव एसडीपीओ 2 पंकज कुमार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।
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यह एक चिंता का विषय था कि रंगदारी मांगने का आरोपी पांच महीने से अधिक समय तक खुलेआम घूमता रहा और पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। इस तरह के भागलपुर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है ताकि अपराधियों के हौसले पस्त हों। लेकिन अब इस गिरफ्तारी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल कुछ हद तक शांत हो सकते हैं। इस रंगदारी मामला में हुई कार्रवाई से क्षेत्र में शांति का माहौल बनेगा और अपराधियों को यह संदेश जाएगा कि कानून से बचना मुश्किल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







