

Bhagalpur News: कानून के लंबे हाथ अक्सर देर से पहुंचते हैं, और जब तक वे पहुंचते हैं, तब तक भीड़ का इंसाफ अपना फैसला सुना चुका होता है। भागलपुर के मोजाहिदपुर में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां पुलिस की सुस्ती और भीड़ के बेखौफ रवैये ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bhagalpur News: पुलिस की सुस्ती और भीड़ का बेलगाम गुस्सा
मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र में हुई युवक की पिटाई की घटना ने एक बार फिर पुलिसिया तंत्र की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक को भीड़ ने पकड़ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह सब करीब आधे घंटे तक चलता रहा, लेकिन पुलिस का कहीं कोई अता-पता नहीं था। इस दौरान भीड़ पूरी तरह से बेखौफ और बेलगाम नजर आई, मानो उन्हें कानून का कोई डर ही न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस को समय पर सूचना दे दी गई थी, लेकिन थाने से घटनास्थल की दूरी कुछ मिनटों की होने के बावजूद पुलिस टीम को पहुंचने में आधा घंटा लग गया। इस देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या पुलिस के पास सूचना देर से पहुंची या सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई में जानबूझकर कोताही बरती गई? इस तरह की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कई बार अफवाहें किस तरह भीड़ की हिंसा का रूप ले लेती हैं। अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती, तो न केवल युवक को बचाया जा सकता था, बल्कि स्थिति को और गंभीर होने से भी रोका जा सकता था।
अफवाहों का बाजार और पुलिस के लिए चुनौती
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में अफवाहों के कारण तनाव फैला हो। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि पुलिस को ऐसे संवेदनशील इलाकों में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस गश्त बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (Quick Response System) को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा ताकि जनता का विश्वास बना रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

