back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 16, 2026
spot_img

Holika Dahan 2026: होलिका दहन… चंद्र ग्रहण के साये में कैसे होगी अग्नि प्रज्जवलित?

spot_img
- Advertisement -

Holika Dahan 2026: फाल्गुन पूर्णिमा का पावन पर्व, जब बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक होलिका दहन किया जाता है, वर्ष 2026 में एक ऐसी दुर्लभ ज्योतिषीय स्थिति लेकर आ रहा है, जिसने धर्मपरायण भक्तों के मन में जिज्ञासा और थोड़ी चिंता उत्पन्न कर दी है। इस वर्ष होलिका दहन के शुभ अवसर पर ही चंद्र ग्रहण का भी संयोग बन रहा है, जिससे पूजा के समय को लेकर बड़ी दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण और भद्रा काल दोनों ही शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं, ऐसे में यह जानना अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि इस विशेष परिस्थिति में होलिका दहन कैसे संपन्न किया जाए ताकि उसका पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

- Advertisement -

होलिका दहन 2026: चंद्र ग्रहण के साये में कैसे होगी अग्नि प्रज्जवलित?

सनातन धर्म में होलिका दहन का विशेष महत्व है, यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद की आस्था और हिरण्यकश्यप के अहंकार पर धर्म की विजय का उद्घोष करता है। प्रतिवर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है। परंतु वर्ष 2026 में, जब यह पवित्र अग्नि प्रज्जवलित होगी, उसी समय खगोलीय घटना चंद्र ग्रहण का भी योग बन रहा है। इस स्थिति ने विद्वान ज्योतिषियों और आम जनमानस दोनों को ही विचार करने पर विवश कर दिया है कि शुभ और पवित्र माने जाने वाले होलिका दहन को कैसे निर्विघ्न संपन्न किया जाए।

- Advertisement -

होलिका दहन 2026: भद्रा और सूतक काल का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से नौ घंटे पूर्व आरंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्ति के साथ ही समाप्त होता है। सूतक काल की अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, पूजा-पाठ और देवी-देवताओं के दर्शन वर्जित माने जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भद्रा का साया भी अक्सर रहता है, जो होलिका दहन के लिए अशुभ माना जाता है। ऐसे में, जब एक ओर भद्रा का प्रभाव हो और दूसरी ओर चंद्र ग्रहण का सूतक काल, तब होलिका दहन के लिए अत्यंत सीमित और विशेष समय की तलाश करना अनिवार्य हो जाता है। ज्योतिषाचार्य इस संबंध में गहन गणनाएं कर रहे हैं ताकि भक्तों को सही मार्गदर्शन मिल सके। सामान्यतः, सूतक और भद्रा दोनों के समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन का समय सर्वोत्तम माना जाता है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Chaitra Navratri 2026: वैष्णो देवी धाम का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व

विद्वानों का मत और समाधान

ऐसी जटिल ज्योतिषीय परिस्थितियों में, शास्त्रों का गहन अध्ययन और विद्वान ज्योतिषियों का परामर्श ही एकमात्र मार्गदर्शक होता है। सामान्यतः, जब भद्रा और सूतक जैसी स्थितियां एक साथ हों, तब इन दोनों दोषों के समाप्त होने की प्रतीक्षा करना ही उचित होता है। यदि प्रदोष काल में कोई भी शुभ मुहूर्त न मिल पाए, तो रात के अगले पहर में भद्रा और सूतक मुक्त समय में होलिका दहन का विधान किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि होलिका दहन शुद्ध और दोषरहित मुहूर्त में ही संपन्न हो, ताकि उसका पूर्ण पुण्य प्राप्त हो सके और किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके।

धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर, यह सुझाव दिया जाता है कि भक्तजन अपने स्थानीय पंचांग और सिद्ध ज्योतिषियों से परामर्श अवश्य लें, ताकि वे होलिका दहन के लिए सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त जान सकें। ईश्वर की कृपा और सही विधि-विधान से किया गया कोई भी कार्य अवश्य ही फलदायी होता है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

निष्कर्ष और उपाय

वर्ष 2026 में होलिका दहन के साथ चंद्र ग्रहण का यह संयोग भक्तों के लिए एक अग्निपरीक्षा जैसा हो सकता है, परंतु धैर्य और शास्त्रों में निहित ज्ञान का पालन कर इस चुनौती का सामना किया जा सकता है। सुनिश्चित करें कि आप भद्रा और चंद्र ग्रहण के सूतक काल की समाप्ति के बाद ही होलिका दहन की तैयारियां करें। इस दिन भगवान विष्णु, नरसिंह भगवान और भक्त प्रहलाद का स्मरण विशेष रूप से करें। होलिका की अग्नि में कपूर, गुग्गल और जौ जैसी शुभ सामग्री अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पर्व हमें यह सिखाता है कि सत्य और धर्म की विजय निश्चित है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Dhurandhar 2 Box Office: क्या रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ तोड़ पाएगी शोले का 49 साल पुराना रिकॉर्ड?

Dhurandhar 2 Box Office News: रणवीर सिंह स्टारर 'धुरंधर 2' सिनेमाघरों में दस्तक देने...

अनन्या नागल्ला: नौकरी छोड़ बनीं एक्ट्रेस, पवन कल्याण की इस फिल्म ने बदली जिंदगी!

Ananya Nagalla News: ग्लैमर और चकाचौंध से भरी फिल्म इंडस्ट्री में हर दिन कोई...

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: क्लाउड और AI युग में सुरक्षा और गति का तालमेल

Digital Infrastructure: आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि...

Samastipur News: Holi 2026: रेलवे का तोहफा, इन 8 Holi Special Train के फेरे बढ़े, घर वापसी होगी आसान, देखें पूरी लिस्ट

Holi Special Train: होली का खुमार उतरते ही अब वापसी की होड़ मची है,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें