Bhagalpur Police News: नाव पर खड़ी वर्दी वाली मैडम… ये रील देखिए ‘ बड़े सर जी ‘… पढ़िए – आपका आदेश सर आंखों पर? डीजीपी साहेब, आपका आदेश नहीं मान रहीं आपकी वर्दी वाली?
भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी का रील बनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने पुलिस विभाग में एक बार फिर अनुशासन और सोशल मीडिया नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला तब सामने आया है, जब पुलिसकर्मियों के लिए सख्त सोशल मीडिया दिशानिर्देश लागू हैं, फिर भी उनकी अनदेखी की जा रही है।
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वायरल वीडियो में महिला पुलिसकर्मी को नाव पर खड़े होकर रील बनाते हुए देखा जा सकता है। देशज टाइम्स वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। मगर, यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी का इस तरह मनोरंजन में व्यस्त रहना आम जनता में गलत संदेश दे रहा है।
पुलिसकर्मियों के लिए सख्त सोशल मीडिया नीति
भारत के लगभग सभी राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में पुलिस मुख्यालयों द्वारा सख्त सोशल मीडिया नीतियां लागू की गई हैं। इन नीतियों के तहत, कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या अपनी वर्दी में वीडियो या रील नहीं बना सकता। पुलिस थानों और कार्यालयों के भीतर भी वीडियो बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस की छवि को बनाए रखना और कार्यस्थल पर अनुशासन सुनिश्चित करना है।
इन नियमों के उल्लंघन को अनुशासनहीनता माना जाता है, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल होती है। ऐसी हरकतों पर विभागीय कार्रवाई के तौर पर निलंबन या लाइन हाजिर जैसे कदम उठाए जाते हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रहें और सार्वजनिक मंचों पर गरिमा बनाए रखें।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है जब ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा रील बनाने का मामला सामने आया हो। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर या पुलिस थानों के अंदर वीडियो बनाने के आरोप में निलंबित किया गया है या उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है। ये मामले देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार पुलिस की सोशल मीडिया नीति के प्रति गंभीर उल्लंघन को दर्शाते हैं।
हाल ही में, पूर्णिया की एक महिला थानाध्यक्ष को वर्दी में लगातार रील बनाने और तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। ये उदाहरण दर्शाते हैं कि पुलिस विभाग ऐसे मामलों को गंभीरता से लेता है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करता है।
पुलिस की छवि पर गहरा असर
इस तरह की घटनाओं से पुलिस विभाग की सार्वजनिक छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। जब नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस पर निर्भर होते हैं, और उन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी रील बनाते हुए दिखते हैं, तो उनका विश्वास कमजोर होता है। यह घटना डीजीपी महोदय के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना को भी दिखाती है, जो पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आपको बता दें कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होती है, और सोशल मीडिया के दौर में भी इसे बनाए रखना बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया का उपयोग व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि विभागीय दिशानिर्देशों का पालन करते हुए होना चाहिए। उच्च अधिकारियों को ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक स्पष्ट संदेश जाए।
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इस वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा अखबार नहीं करता है, लेकिन इसके सामने आने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही उचित जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पुलिस बल की गरिमा बनी रहे।







