
Illegal Arms: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से एक युवक को अवैध हथियारों के साथ दबोच लिया। आरोपी के पास से दोनाली बंदूक, जिंदा कारतूस और जम्मू-कश्मीर का एक फर्जी लाइसेंस बरामद हुआ है। यह घटना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ गई है कि आखिर कैसे यह नेटवर्क सक्रिय है?
रेल पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ट्रेन संख्या 13235 (साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी) के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के दौरान की गई। गिरफ्तार युवक की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के धुरिया गांव निवासी गोपेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक दोनाली बंदूक, छह जिंदा कारतूस और जम्मू-कश्मीर का बना एक फर्जी लाइसेंस बरामद किया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी का पूरा मामला
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहे सघन जांच अभियान के तहत पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखी थी। इसी दौरान ट्रेन से उतरते ही गोपेश कुमार सिंह को रोककर उसकी तलाशी ली गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति अवैध हथियार लेकर यात्रा कर रहा है। तलाशी में उसके बैग से यह हथियार और कारतूस मिले, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अवैध हथियार के पीछे का सच: मुंगेर कनेक्शन और फर्जी लाइसेंस
पुलिस पूछताछ में आरोपी गोपेश कुमार सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पहले सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था, लेकिन स्थायी नौकरी न मिलने के कारण वह गलत राह पर चला गया। उसने स्वीकार किया कि मुंगेर के एक व्यक्ति ने उसे 80 हजार रुपये में यह दोनाली बंदूक उपलब्ध कराई थी। आरोपी ने यह भी बताया कि उसका फर्जी लाइसेंस भी उसी मुंगेर के व्यक्ति के माध्यम से बनवाया गया था, जो जांच में नकली निकला। पुलिस अब इस फर्जी लाइसेंस रैकेट के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा कड़ी, हथियार सप्लायरों पर शिकंजा
इस गिरफ्तारी के बाद रेल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को संदेह है कि गोपेश किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की तैयारी कर रहा था या अवैध हथियार के बड़े नेटवर्क का एक हिस्सा है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध यात्रियों और उनके सामान की जांच बढ़ा दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
रेल पुलिस अब इस अवैध हथियार नेटवर्क के गहरे तार खंगाल रही है, ताकि इस धंधे में शामिल सभी लोगों को पकड़ा जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







