
अहल्या स्थान दरभंगा: न्याय के तराजू पर हर दिन फैसले देने वाले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र ने अब आस्था के धाम में शीश नवाया है। हाल ही में उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ मिथिला के प्रसिद्ध अहल्या स्थान और गौतमाश्रम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जहां वे स्थानीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से बेहद प्रभावित नजर आए।
न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र का अहल्या स्थान दरभंगा दौरा
कमतौल स्थित पौराणिक अहल्या स्थान दरभंगा एवं गौतमाश्रम में शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र अपनी धर्मपत्नी के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। इस अवसर पर प्रोटोकॉल ऑफिसर संतोष कुमार झा, एसडीपीओ सदर टू शुभेंद्र कुमार सुमन, थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, सदस्य उमेश ठाकुर और सेवानिवृत्त न्यायालय कर्मी अनिल ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अहल्या स्थान मंदिर में पुजारन अवंतिका मिश्रा किशोरीजी एवं पुजारी कामेश्वर मिश्रा रामजी ने न्यायाधीश दंपति को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। उन्होंने इस पावन स्थान की महिमा, माता अहल्या-गौतम और भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। रामजानकी मंदिर के भीतर और बाहर की उत्कृष्ट कलाकृतियों को देखकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अत्यधिक प्रभावित हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मिथिला की संस्कृति और इतिहास से हुए रूबरू
न्यास समिति के कार्यालय कक्ष में न्यास के सचिव हेमंत कुमार झा ने मिथिला की गौरवशाली परंपरा के अनुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पाग, चादर और एक सुंदर मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया। इसके उपरांत, न्यायाधीश दंपति ने गौतमाश्रम पहुंचकर महर्षि गौतम और अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा-अर्चना की। यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अपनी पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पूजा संपन्न होने के बाद वे दरभंगा के लिए रवाना हो गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







