Bhagalpur Bridge News: भागलपुर जिले के सुलतानगंज-देवघर रेलवे ओवरब्रिज पर अब भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल की तकनीकी स्थिति को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज की बढ़ती जर्जरता को ध्यान में रखते हुए पथ निर्माण विभाग (RCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब इस पुल से ट्रक, हाइवा और अन्य सभी प्रकार के भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुल की संरचनात्मक सुरक्षा और लगातार बढ़ते दबाव के कारण यह निर्णय लेना आवश्यक हो गया था, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
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आरसीडी की टीम ने पुल के दोनों ओर बैरियर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले चार से पांच दिनों में यह कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः निषेध हो जाएगा। इंजीनियरों की निगरानी में पुल के दोनों छोर पर गड्ढे खोदकर वर्टिकल पोस्ट और बैरियर लगाए जा रहे हैं, जो यातायात को नियंत्रित करने में सहायक होंगे।
पुल की जर्जर हालत और आरसीडी का बड़ा कदम
पुल की तकनीकी स्थिति के लगातार खराब होने की खबरें मिल रही थीं, जिसके बाद पथ निर्माण विभाग ने विशेषज्ञों से परामर्श किया। उनकी रिपोर्ट में पुल पर बढ़ते दबाव और संरचनात्मक कमजोरियों का जिक्र था, जिसने विभाग को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर किया। यह फैसला किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने और भविष्य में पुल की मरम्मत को सुरक्षित तरीके से करने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग का कहना है कि जन सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य पुल को और अधिक क्षति होने से बचाना है। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से पुल की कमजोरियां और बढ़ सकती थीं, जिससे एक बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। इस निर्णय से जहां एक ओर मालवाहक वाहनों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर पुल की उम्र बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हल्के वाहनों का परिचालन रहेगा जारी, यात्रियों को मिलेगी राहत
यह प्रतिबंध केवल ट्रक, हाइवा और अन्य भारी वाहनों पर लागू होगा। कार, बाइक, ऑटो और अन्य हल्के वाहनों का परिचालन पहले की तरह जारी रहेगा। इससे आम लोगों को आवागमन में किसी बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
पुल निगम द्वारा जल्द ही इस रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी और तभी भारी वाहनों के परिचालन पर फिर से कोई निर्णय लिया जाएगा। इस बीच, विभाग ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे नए नियमों का पालन करें और सहयोग करें।
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सुलतानगंज-देवघर मार्ग बिहार और झारखंड के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है, विशेष रूप से श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सुलतानगंज ट्रैफिक न्यूज़ के अनुसार, भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगने से भले ही व्यापारिक गतिविधियों पर थोड़ा असर पड़े, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम सराहनीय है। यह फैसला पुल की दीर्घायु और लाखों लोगों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी प्रतिबंध है और मरम्मत के उपरांत स्थितियों का आकलन कर उचित कदम उठाया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।







