Bihar Tourism News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार गया, राजगीर और नालंदा जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने जा रही है। हाल ही में पटना स्थित संकल्प सभागार में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पर्यटन विकास की ओर बिहार के महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि बिहार में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। इसके लिए बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया जाएगा और नई परिवहन सेवाएँ शुरू की जाएँगी। धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार को अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात और राजगीर के लिए सब्सिडी वाली हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वाल्मीकिनगर के लिए भी सप्ताहांत में रियायती हवाई सेवाएँ जल्द ही शुरू होंगी। इससे दूरस्थ पर्यटन स्थलों तक पहुँचना आसान हो जाएगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।पर्यटकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को ‘एंड-टू-एंड’ सेवाएँ प्रदान करने को कहा गया है। ये सेवाएँ पटना से लेकर पर्यटन स्थल तक सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करेंगी, ताकि पर्यटकों को परिवहन या प्रबंधन से जुड़ी कोई परेशानी न हो। इसका उद्देश्य पर्यटकों के लिए एक सहज और एकीकृत यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना है।गयाजी और बोधगया के धार्मिक महत्व को देखते हुए विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर परियोजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश दिया गया है। माना जा रहा है कि इनके पूरा होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और इन क्षेत्रों का स्वरूप भी निखरेगा।
राजगीर और नालंदा के लिए विशेष योजनाएं
सरकार की योजना राजगीर को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे ‘ग्लोबल सेंटर ऑफ स्पिरिचुअल लर्निंग’ के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। यहाँ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की रणनीति बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य राजगीर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को विश्वभर में पहचान दिलाना है।Rajgir Tourism News: इसके साथ ही, नालंदा के लिए भी एक विशेष एकीकृत विकास पैकेज तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इसका लक्ष्य नालंदा को फिर से वैश्विक ज्ञान और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करना है। विश्व धरोहर के रूप में इसकी पहचान को और मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को एकीकृत विकास योजना के तहत लाया जाएगा।
ग्रामीण पर्यटन और निजी निवेश को बढ़ावा
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर भी बैठक में विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढाँचे के विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजनाओं को गति मिलेगी।पावापुरी मंदिर परिसर के व्यापक विकास के लिए एक अलग कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। सरकार का मानना है कि गाँवों की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। यह स्थानीय लोगों के लिए भी आय का नया स्रोत बनेगा।राज्य में होमस्टे नीति को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की तैयारी है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाजी का अनुभव देना है, साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी लाभ होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति से भरपूर एक समृद्ध प्रदेश है। अगर पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ, तो राज्य देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि बिहार का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके। इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







