भागलपुर तालाब विवाद: कहलगांव प्रखंड के शिव पंचायत स्थित बेनी गांव में सरकारी तालाब की खुदाई को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव और भय का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
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क्या है पूरा मामला? क्यों आमने-सामने हैं ग्रामीण और प्रशासन?
जानकारी के अनुसार, बेनी गांव के खाता संख्या 222, खेसरा संख्या 497, रकबा 98 डिसमिल सरकारी जमीन पर तालाब की खुदाई को लेकर यह विवाद शुरू हुआ। प्रशासन की ओर से इस तालाब की खुदाई का काम शुरू कराया गया था, जिसका कुछ ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह तालाब की खुदाई की जा रही है, वहां विद्यालय होने से बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2018 में इसी जमीन पर एक भव्य यज्ञ का आयोजन हुआ था और तब से ही इस जमीन का उपयोग खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहा है। उनका तर्क है कि यह जगह गांव के सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा बन चुकी है।
प्रशासन का दावा, जमीन है अतिक्रमित
दूसरी ओर, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह जमीन बिहार सरकार की है और इस पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता इस अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराकर सरकारी योजनाओं के लिए उपयोग करना है। इस विवाद और झड़प के बाद कई ग्रामीण घायल हुए हैं, जिनका इलाज अनुमंडलीय अस्पताल में कराया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।
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बेनी गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी, SDPO का बयान
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेनी गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस लगातार गांव में फ्लैग मार्च कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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