Darbhanga News: दरभंगा जिला परिषद में बदली बाजी, सीता के खेमे ने दिया बड़ा ‘झटका’, रेणु को मिली निर्विरोध कमान, बड़ी जीत, जानें क्यों हुआ ऐसा? रेणु देवी के दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने से उनके समर्थकों में भारी उत्साह है। रेणु देवी अपने 29 समर्थक जिला परिषद सदस्यों के साथ पूरी एकजुटता के साथ अंबेडकर सभागार पहुंचीं थी। निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी और उनके खेमे का एक भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं हुआ। पढ़िए – अलग किस्म का चुनाव!
दरभंगा जिला परिषद न्यूज़: दरभंगा जिला परिषद चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी के खेमे की अनुपस्थिति ने सभी को चौंका दिया। इसी बीच, पूर्व अध्यक्ष रेणु देवी को सर्वसम्मति से निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस जीत के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह और जश्न का माहौल है।
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सीता देवी खेमे की अनुपस्थिति ने बदली बाजी
बुधवार को दरभंगा जिला परिषद की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। इस चुनाव में कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मतदान के दिन तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई। निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी के खेमे को इस फैसले से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनकी गैरमौजूदगी ने रेणु देवी की राह आसान कर दी।
रेणु देवी अपने 29 समर्थक जिला परिषद सदस्यों के साथ पूरी एकजुटता के साथ अंबेडकर सभागार पहुंचीं। इसके विपरीत, निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी और उनके खेमे का एक भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं हुआ। विपक्ष की इस सामूहिक अनुपस्थिति ने रेणु देवी की जीत को निर्विरोध और आसान बना दिया, जिसने दरभंगा की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया।
चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर सभागार में यह पूरी चुनावी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की देखरेख में सभी चुनाव संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक नामांकन दाखिल करने का समय निर्धारित था।
रेणु देवी ने तय समय के भीतर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान हायाघाट की जिला परिषद सदस्य काजल देवी उनकी प्रस्तावक बनीं, जबकि जिला परिषद सदस्य डॉ. नंदकिशोर झा ‘बेचन’ ने उनके नाम का समर्थन किया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद, अधिकारियों ने बार-बार घोषणाएं कर अन्य सदस्यों को नामांकन का मौका दिया, लेकिन कोई अन्य प्रत्याशी सामने नहीं आया।
इसके पश्चात, चुनाव अधिकारियों द्वारा रेणु देवी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इस उच्च-प्रोफाइल चुनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेक्षक के तौर पर एडीएम आपदा, समस्तीपुर स्वयं मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर, अंबेडकर सभागार और समाहरणालय परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर बड़ी संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल को तैनात किया गया था।
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रेणु देवी के दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने से उनके समर्थकों में भारी उत्साह है। इस जीत को दरभंगा राजनीति समाचार में एक महत्वपूर्ण घटना के तौर पर देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह जीत उनके पुराने अनुभवों और मजबूत जनाधार का परिणाम है। इस परिणाम ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित किया है।
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