Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के एमबीए (MBA) विभाग में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पिछले दस महीनों से वेतन नहीं मिला है। वर्ष 2001 में स्थापित इस विभाग के कर्मियों को आर्थिक बदहाली का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवार पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस स्थिति ने उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
वेतन न मिलने से गहराया संकट
वेतन भुगतान न होने के कारण भुक्तभोगी कर्मचारी अपने बीमार परिजनों के लिए दवाइयाँ खरीदने में असमर्थ हैं। बच्चों की स्कूल फीस और पढ़ाई का खर्च उठाना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। कई परिवारों में तो रोजमर्रा के खर्च चलाना भी दूभर हो गया है। लगातार दस महीने से आर्थिक तंगी झेल रहे इन कर्मियों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
प्रशासन की अनदेखी, भविष्य अनिश्चित
विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि संविदा पर नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों का सेवा विस्तार (सर्विस एक्सटेंशन) भी नहीं किया गया है। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय उनसे लगातार काम ले रहा है। जब इस गंभीर मामले और दस माह से लंबित वेतन के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो मौके पर कोई भी सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इस रवैये से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनका भविष्य अनिश्चितता के घेरे में है।
अधिकारियों की चुप्पी और कर्मचारियों का गुस्सा
कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। वेतन के बिना वे कैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करें, यह सवाल उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। इस मामले में अधिकारियों की चुप्पी और उनकी अनुपस्थिति ने कर्मचारियों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। वे जल्द से जल्द अपनी लंबित वेतन की मांग कर रहे हैं ताकि उनके परिवार सामान्य जीवन जी सकें।







