Bhagalpur News: भागलपुर जिले में सरकारी योजनाओं के बावजूद 92 भूमिहीन परिवार आज भी अपने हक की जमीन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन परिवारों को वर्ष 2023 में जमीन का पर्चा जारी किया गया था, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी उन्हें अब तक वास्तविक भूमि आवंटित नहीं की गई है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भूमिहीन परिवारों की पीड़ा और संघर्ष
अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर ये भूमिहीन परिवार भाजपा झुग्गी-झोपड़ी संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष शंकर गुप्ता के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि सरकारी दस्तावेज मिलने के बावजूद उन्हें रहने के लिए कोई जगह नहीं मिली है। इस कारण वे मजबूरी में सड़क किनारे और झुग्गियों में जीवन यापन करने को विवश हैं।




पीड़ित परिवारों का कहना है, “हमें जमीन का पर्चा तो मिल गया, लेकिन रहने के लिए जमीन नहीं मिली। हम आज भी सड़क किनारे और झुग्गियों में रहने को मजबूर हैं।”
अंचलाधिकारी पर लापरवाही के गंभीर आरोप
भाजपा झुग्गी-झोपड़ी संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष शंकर गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के वरीय अधिकारियों द्वारा इन परिवारों को जमीन आवंटित करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, बिहार में अंचलाधिकारी की घोर लापरवाही के चलते 92 परिवारों को आज तक उनकी जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है।
शंकर गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण ये गरीब परिवार अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर सवालिया निशान लगाती है और भागलपुर में भूमिहीन परिवारों के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन 92 भूमिहीन परिवारों को कब तक न्याय दिला पाता है। इन परिवारों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें उनकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।







