
Chaiti Chhath: जैसे आसमान ने सिंदूरी चादर ओढ़ ली हो और गंगा की लहरें भी शांत होकर सूर्यदेव की विदाई के गीत गा रही हों, कुछ ऐसा ही नज़ारा भागलपुर के घाटों पर दिखा, जहां लोक आस्था के महापर्व पर भक्ति का महाकुंभ उमड़ पड़ा।
भागलपुर में लोक आस्था का महापर्व Chaiti Chhath पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हाथों में पूजा की थाल, फल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद लिए व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और छठी मईया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। घाटों का वातावरण छठी मईया के पारंपरिक गीतों से गुंजायमान हो रहा था।
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रतियों ने घुटनों तक पानी में खड़े होकर पूरी निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना की। यह दृश्य हर किसी के मन में श्रद्धा का भाव जगा रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Chaiti Chhath पर दिखा भक्ति और आस्था का संगम
भागलपुर के गंगा घाटों पर भक्ति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। व्रती महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ डूबते सूर्य की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना की। श्रद्धालुओं ने फल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद के साथ भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। इस दौरान घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी नजर आए।
जिला प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए कमर कस रखी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शहर के सभी प्रमुख और संवेदनशील छठ घाटों पर आपदा मित्रों की विशेष तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
प्रशासन की मुस्तैदी का आलम यह था कि घाटों पर रोशनी, बैरिकेडिंग और साफ-सफाई की भी उत्तम व्यवस्था देखने को मिली। पुलिस बल के जवान और स्वयंसेवक भी लगातार घाटों पर गश्त कर रहे थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने बताया कि सुबह के अर्घ्य के लिए भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
अब व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही अपने 36 घंटे के इस कठिन निर्जला व्रत का पारण करेंगे। इस महापर्व को लेकर लोगों में उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।







