

Bihar Political News: न्याय की अदालत में जब सियासी दांवपेंच अपनी बिसात बिछाते हैं, तो कभी-कभी फैसला सिर्फ कलम से नहीं, बल्कि राजनीति के तराजू से भी निकलता है। बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर ऐसे ही फैसले की गूंज है, जिसने विपक्षी दलों में हलचल मचा दी है।
माले नेताओं को आजीवन कारावास: बिहार पॉलिटिकल न्यूज़ का नया अध्याय
भागलपुर, 14 फरवरी 2026: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के राज्य कमेटी सदस्य और आरवाईए (RYA) के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड जितेंद्र पासवान और कॉमरेड श्रीराम कुशवाहा को हत्या के एक कथित मामले में गोपालगंज जिला कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। भाकपा (माले) के नगर प्रभारी और ऐक्टू (ACTU) के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने इस फैसले को बेहद अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जहां विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
मुकेश मुक्त ने बताया कि इसी मामले में पांच अन्य निर्दोष व्यक्ति पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। यह स्थिति न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भोरे विधानसभा क्षेत्र से भाकपा (माले) प्रत्याशी रहे कॉमरेड जितेंद्र पासवान को मात्र 400 मतों के अंतर से हराया गया था। जदयू प्रत्याशी सुनील कुमार को विजयी घोषित किया गया था। चुनावी पराजय के बाद राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से यह मुकदमा गढ़ा गया, जो पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विपक्ष की आवाज को कुचलने और लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। इससे पहले भी अगिआंव के विधायक कॉमरेड मनोज मंजिल को झूठे मुकदमे में फंसाया गया था। यह दर्शाता है कि सत्ताधारी दल किस तरह से अपने विरोधियों को निशाना बना रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विरोध प्रदर्शन की तैयारी और आंदोलन का आह्वान
कॉमरेड मुकेश मुक्त ने जानकारी दी कि इस अन्यायपूर्ण सजा के खिलाफ भाकपा (माले) और आरवाईए ने राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस का आह्वान किया है। पूरे राज्य में कार्यकर्ता इस फैसले का विरोध करेंगे और न्याय की मांग करेंगे। भागलपुर में सोमवार, 16 फरवरी को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इन निर्दोष नेताओं को न्याय नहीं मिल जाता। यह सिर्फ दो नेताओं का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका और अभिव्यक्ति की आजादी का सवाल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


