
असम राइफल्स जवान: देश सेवा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुए भागलपुर के शिव शंकर कुमार जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। उनकी अचानक बिगड़ी तबीयत और ऑक्सीजन की कमी ने देश को एक बहादुर सपूत से वंचित कर दिया। इस दुखद खबर से उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत सियां पंचायत के बैरैनी गांव के रहने वाले शिव शंकर कुमार का जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे केवल 25 वर्ष के थे और अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। तीन साल पहले ही वह असम राइफल्स के मेडिकल विभाग में भर्ती हुए थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात थे।
असम राइफल्स जवान शिव शंकर कुमार की कहानी
परिजनों के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान ही शिव शंकर की तबीयत अचानक खराब हो गई। गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत हो गई। इकलौते बेटे की इस दुखद शहादत की खबर सुनते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
ग्रामीणों ने बताया कि शिव शंकर बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी और मिलनसार स्वभाव के थे। उनमें देश सेवा का गहरा जज्बा था, जिसके कारण उन्होंने सेना को चुना। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जानकारी के अनुसार, शहीद जवान का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह उनके पैतृक गांव बैरैनी लाया गया। जब असम राइफल्स जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव शिव शंकर की शहादत पर गर्व महसूस कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







