
Bhagalpur News: आस्था के महासागर में जब हर कोई डुबकी लगा रहा हो, तब सेवा का एक दीया जलाना ही सच्ची भक्ति है। भागलपुर में लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर मां आनंदी संस्था ने इसी भावना को चरितार्थ करते हुए छठ व्रतियों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। संस्था द्वारा बरारी पुल घाट के निकट एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंद व्रतियों के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया गया, जिससे कई चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।
Bhagalpur News: छठ व्रतियों को मिला पूजन सामग्री का उपहार
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार हुई, जहां संस्था के सदस्यों ने सबसे पहले उपस्थित सभी व्रतियों को सुहाग के प्रतीक सिंदूर का तिलक लगाकर उनके स्वस्थ, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना की। इसके बाद, संस्था की महिलाओं और छठ व्रतियों ने मिलकर गंगा के किनारे छठ पूजा के पारंपरिक गीत गाए। इन कर्णप्रिय गीतों से पूरा गंगा घाट भक्तिमय और गुंजायमान हो उठा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अद्भुत माहौल के बीच, संस्था ने पूरी श्रद्धा के साथ छठ व्रतियों को पूजा के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की।
वितरित की गई सामग्री में सूप, नारियल, केला, कद्दू, घी, गुड़ और साड़ी समेत अन्य सभी जरूरी वस्तुएं शामिल थीं, ताकि कोई भी व्रती संसाधनों की कमी के कारण इस महान अनुष्ठान से वंचित न रह जाए। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर कोई इस पावन पर्व को पूरे विधि-विधान और उल्लास के साथ मना सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देना सिखाता है जीवन का सार: प्रिया सोनी
इस अवसर पर मां आनंदी संस्था की संस्थापिका, प्रिया सोनी ने छठ पूजा के गहरे दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “छठ महापर्व में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देना हमारे जीवन के लिए एक गहरी सीख है। यह हमें सिखाता है कि जीवन के हर पल का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह सफलता का शिखर हो या असफलता का अंधकार। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह परंपरा हमें धैर्य, विनम्रता और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है, क्योंकि हर अंधेरे के बाद एक नया सवेरा अवश्य आता है।”
उन्होंने आगे कहा कि हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और जीवन की चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान संस्थापिका प्रिया सोनी के साथ-साथ संस्था के कई अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में छठ व्रती उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक पहल की सराहना की।






