Bhojpur Education: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित मसाढ़ गांव में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने समेकित एक्वा पार्क परियोजना का शिलान्यास किया और शाहाबाद क्षेत्र को शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शाहाबाद में शिक्षा का नया सवेरा
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया और इसे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों के बच्चे एक ही सरकारी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
एक्वा पार्क से मत्स्य पालन और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मसाढ़ में 32 एकड़ क्षेत्र में 31.20 करोड़ रुपये की लागत से समेकित एक्वा पार्क का निर्माण होगा। इस राष्ट्रीय स्तर की परियोजना में कार्प हैचरी, आरएएस फिश फीड मिल, जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला, मत्स्य स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला और प्रशासनिक भवन सहित 17 आधुनिक अवयव विकसित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस परियोजना को बिहार के मत्स्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया, जिससे मत्स्य उत्पादन, जलकृषि पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
अपराध पर नकेल और सोलर ऊर्जा पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर भी सरकार का दृढ़ रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पुलिस को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने लोगों से बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली अपनाने की अपील की, जिससे बिजली का खर्च कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।ये परियोजनाएं और घोषणाएं भोजपुर सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखेंगी। शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में ये कदम बिहार के ग्रामीण अंचलों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। भविष्य में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभावों पर सबकी नजर रहेगी।







