

अफवाहों और भ्रांतियों से दिगभ्रमित गांव वालो ने डोर टू डोर करोना टीकाकरण के लिए गई वेक्सिनेशन टीम पर हमला कर गांव से ही खदेड़ने का प्रयास किया। पढ़िए पूरी खबर…
बक्सर। अफवाहों और भ्रांतियों से दिगभ्रमित गांव वालो ने डोर टू डोर करोना टीकाकरण के लिए गई वेक्सिनेशन टीम पर हमला कर गांव से ही खदेड़ने का प्रयास किया बावजूद इसके स्वास्थ्यकर्मी डेटे रहे। ग्रामीणों को वैक्सीन की अहमियत को समझाते रहे।
जानकारी के अनुसार, बावजूद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य टीम की एक ना सुनी परिणाम यह रहा कि एक सौ से भी अधिक के ग्रामीणों में से अथक परिश्रम के बाद महज छह लोगो को ही टीका लगाने में स्वास्थ्य कर्मी सफल रहे।
जिले के इंग्लिसपुर पंचायत के ह्रोरोजा गांव में बीते रविवार के दिन डोर टू डोर टीकाकारण के कार्य में लगे स्वास्थ्यकर्मी रोस्टर के अनुसार जब उक्त गांव में पहुंचे तो अफवाहों के शिकार ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों को गांव से बाहर खदेड़ने का काम किया।
बावजूद इसके स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों के धक्का -मुक्की के बीच हौसला बनाये ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि करोना संक्रमण से बचाव हेतु करोना का यह टीका तात्कालीक व् सही कदम है,जो आपके जीवन को सुरक्षा देगा।
भ्रांतियों के शिकार ग्रामीण, बुखार शरीर दर्द, नपुंसकता और भी अनेको तरह की बात बताते हुए टीका लेने से साफ़ इनकार कर दिया। जबकि स्वास्थ्यकर्मी सभी बातो को खारिज करते हुए ग्रामीणों से कहा की ये सभी बाते अफवाह है।टीका का कोई साइड इफेक्ट नही है। यहां तक कि ग्रामीण महिलाएं भी अफवाहों के वशीभूत टीका लेने से साफ़ इनकार कर दिया।अंततः राजी हुए छह लोगो को ही टीका लगाकर टीम को वापस लौटना पड़ा।
टीम से जुडी महिला स्वास्थ्यकर्मी बेबी कुमारी ने कहा की हाल के दिनों में यह तीसरा गांव है जहा के लोग अफवाहों के वशीभूत है ,अतः टीकाकरण के कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इस सप्ताह के शुरुआत में जिलाधिकारी अमन समीर द्वारा करोना के सम्भावित तीसरी लहर के तैयारी के लिए शिशु रोग चिकित्सको समेत अधिकारियों कि एक बैठक की थी।जिसमे चिकित्सको ने साफ़ कहा था कि करोना कि तीसरी लहर अगर बच्चो को प्रभावित करता है।तो इसमें महिलाओं का रोल अहम होगा।करोना के निरस्तीकरण से विस्तारीकारन में इन्ही महिलाओं को रोल अदा करना है।
बिहार -यूपी के सीमावर्ती गांव में टीका को लेकर फैली अफवाहों से लड़ना भी स्थानीय प्रशासन के समक्ष चुनौती पेश कर रहा है।एक तरफ सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में बाढ़ग्रस्त चयनित 28 पंचायतो में आसन्न बाढ़ पूर्व अगस्त तक सभी को करोना टीके का पहला डोज लगाये जाने का लक्ष निर्धारित किया गया है। पर भ्रांतियों से ग्रसित ग्रामीणों के बीच जा कर यह कार्य आसान नही दिखता ऐसे में जब कि मानसून का समय आ गया है। villagers attack on door to door vaccination team
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