spot_img

Darbhanga News: बिहार में Aadhaar fraud फर्जी आधार कार्ड का बड़ा रैकेट, भोजपुर, मधुबनी, बक्सर और दरभंगा से जुड़ा क्लोन्ड तार, पढ़िए DESHAJ TIMES की खबर का चौतरफ़ा असर… उठा ले गई शातिर को!

spot_img
- Advertisement -

Aadhaar fraud: बिहार में आधार कार्ड से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। दरभंगा से एक ऐसे शातिर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार बक्सर तक फैले हुए हैं। यह व्यक्ति आधार फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।

- Advertisement -

दरभंगा में फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बक्सर से जुड़े कनेक्शन के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराध की जांच कर रही पुलिस को तकनीकी सुराग मिले थे, जिसके बाद दरभंगा के बिरौल स्थित ग्यारी निवासी फूल हसन को बक्सर पुलिस ने धर दबोचा। उसे इस नेटवर्क का अहम सदस्य बताया जा रहा है। उसके पास से कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं, जिनमें:

- Advertisement -
  • तीन लैपटॉप
  • एक आइरिस स्कैनर
  • तीन क्लोन्ड फिंगरप्रिंट मशीनें
  • प्रिंटर समेत अन्य डिजिटल उपकरण

आधार फ्रॉड: ऐसे होता था खेल

जांच में पता चला है कि यह गिरोह आधार पंजीकरण केंद्र को पूरी तरह से हैक और बाइपास करके राज्य में फर्जी आधार कार्ड का संचालन कर रहा था। सबसे पहले भोजपुर के पीरो थाना क्षेत्र के रजियरा निवासी संजय कुमार सिंह उर्फ रिंटू को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद दरभंगा सहित मधुबनी में भी छापेमारी की गई। हालांकि, मधुबनी के फूलपरास निवासी ऋषिकेश कुमार साफी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। फूल हसन के लैपटॉप से एक ऐसा सोर्स कोड मिला है, जिससे यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट से छेड़छाड़ करके बिना किसी मानक को पूरा किए आधार कार्ड बनाए जाते थे। यह फिंगरप्रिंट और रेटिना के कॉलम को भी बाइपास कर देता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसी पैटर्न पर फूल हसन बिरौल के कोटी पुल चौक पर एक कमरे में रहकर सैकड़ों लोगों के न सिर्फ नए आधार कार्ड बनाता था, बल्कि पुराने कार्डों में सुधार भी करता था।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: प्रेम की ‘पान दुकान में आग’, देर रात.…लाखों का सामान जलकर खाक, कड़ी मेहनत से खड़ी दुकान में बची सिर्फ राख !

इसके अतिरिक्त, उसने फर्जीवाड़े का उपयोग किन-किन कामों के लिए किया है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन उसकी गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध रही हैं। तत्कालीन एसडीपीओ उमेश कुमार चौधरी ने उसे बिरौल के इसी कोठी पुल चौक स्थित फर्जी आधार सेंटर से हिरासत में लिया था, लेकिन तकनीकी जांच के अभाव में उसे पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया था। अब फिर से जब उसका नाम सामने आया है, तो लोग दंग हैं। दरभंगा पुलिस अब उसकी गतिविधियों को खंगाल रही है। कितने लोगों के फर्जी आधार कार्ड बने, कितने में सुधार हुआ और इसके माध्यम से साइबर ठगी की कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरे राज्यों के कनेक्शन को भी जोड़कर अनुसंधान किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालांकि, पुलिस फिलहाल इस मामले पर ज्यादा कुछ बताने से परहेज कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बक्सर पुलिस की त्वरित साइबर क्राइम कार्रवाई

बक्सर पुलिस शिकायत के मात्र तीन दिनों के अंदर आरोपी तक पहुंच गई। बताया जाता है कि 25 अप्रैल 2026 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में एमकेएस कंपनी को जिन सात जिलों में आधार कार्ड बनाने का लाइसेंस प्राप्त था, उसके रजिस्टर्ड यूजरनेम और पासवर्ड को हैक करने और फिंगरप्रिंट क्लोन करके फर्जी आधार कार्ड बनाने और संशोधित करने की जानकारी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके साइट से धड़ाधड़ आधार कार्ड जारी हो रहे हैं। अनुसंधान के क्रम में सबसे पहले संजय कुमार सिंह उर्फ रिंटू को दबोचा गया, और फिर 28 अप्रैल 2026 को फूल हसन को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े मधुबनी के ऋषिकेश कुमार साफी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है। एसडीपीओ, बिरौल (दरभंगा) प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बक्सर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अगर यहां से जुड़े किसी मामले की बात सामने आएगी, तो उसकी भी जांच की जाएगी।

आपको बता दें। देशज टाइम्स ने कुशेश्वरस्थान में फर्जी आधार कार्ड गिरोह का जब खुलासा किया तो sdo शशांक राज ने इसे गम्भीरता से लिया और नतीजा पढ़िए।

कुशेश्वरस्थान प्रखंड मुख्यालय में स्थायी आधार केंद्र का संचालन शुरू हुआ। देशज टाइम्स द्वारा आम जनता की समस्याओं को लेकर किए गए निरंतर प्रयास और प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कुशेश्वरस्थान प्रखंड परिसर स्थित बीपीआरओ (BPRO) कार्यालय के कक्ष में स्थायी आधार केंद्र का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया। विदित हो कि प्रखंड में किसी अधिकृत और स्थायी आधार केंद्र के अभाव में स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसका फायदा उठाकर कई लोग बाहर गैर-कानूनी तरीके से आधार केंद्र संचालित कर रहे थे और आम लोगों से मनमाना शुल्क वसूल रहे थे। इस गंभीर मुद्दे को देशज टाइम्स ने साक्ष्यों के साथ उजागर किया था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थानीय एसडीओ और बीडीओ के साझा सहयोग से अब प्रखंड मुख्यालय के भीतर ही सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यह केंद्र प्रत्येक सोमवार से शनिवार, सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक नियमित रूप से खुला रहेगा, जहाँ क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति पहुँचकर पूरी तरह सरकारी दरों पर नया आधार नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट, फोटो सुधार या मोबाइल नंबर लिंक जैसे आवश्यक कार्य करवा सकता है। प्रशासन के इस निर्णय और देशज टाइम्स के सार्थक हस्तक्षेप से अब बिचौलियों और अवैध केंद्र संचालकों के सिंडिकेट पर लगाम लगेगी, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को सीधा लाभ प्राप्त होगा।।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Samastipur News: यात्रियों को सौगात: दरभंगा-रक्सौल और मुजफ्फरपुर-रक्सौल की मेमू ट्रेन अब नए स्टेशनों तक जाएगी, जानें पूरा शेड्यूल

मेमू ट्रेन: पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी खुशखबरी दी है। अब दरभंगा-रक्सौल...

Nalanda University News: नालंदा विश्वविद्यालय की नीदरलैंड यूनिवर्सिटी से ऐतिहासिक MoU, छात्रों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

नालंदा विश्वविद्यालय: बिहार के राजगीर स्थित प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय ने नीदरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ...