
दरभंगा क्यों नहीं बन सका स्मार्ट सिटी? अगर बना होता तो हमारे दरभंगा में कार्यरत ट्रैफिक पुलिस के जवानों को भी ये नई सुविधा मिलतीं। बिहार पुलिस की नई पहल – महिला ट्रैफिक कर्मियों के लिए अब खुले में नहीं जाना पड़ेगा! अब हर ट्रैफिक पोस्ट पर होगा पोर्टेबल आराम कक्ष!@पटना-दरभंगा,देशज टाइम्स।
Bihar Traffic Police Update: बिहार पुलिस की शानदार पहल
हर दिन नए दरभंगा की कल्पना साकार हो रहे हैं लेकिन तमाम दावों के बीच दरभंगा आज तक स्मार्ट सिटी की सूची में क्रमवद्व नहीं हो सका है। इसका खामियाजा एक बार फिर वहां से निकलकर आई है जहां ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार पुलिस की शानदार पहल सामने है। सड़क पर तैनात महिला पुलिस के लिए खुशखबरी! अब ट्रैफिक पोस्ट पर मिलेगी हर जरूरी सुविधा। बदल रहा है बिहार! मगर दरभंगा की बारी कब? अब ट्रैफिक पुलिस के लिए मिलेगा चलायमान टॉयलेट और विश्राम गृह।@पटना-दरभंगा,देशज टाइम्स।
Bihar Traffic Police Update: दरभंगा की प्रमुख शहरों में कब शामिल होगा नाम? ट्रैफिक पुलिस के लिए पोर्टेबल “पोर्टा हट” सुविधा, महिला पुलिस को मिलेगी बड़ी राहत से दरभंगा नदारद
दरभंगा/पटना, देशज टाइम्स। बिहार के शहरों में तेजी से हो रहे विकास के बीच अब ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक सुविधा की शुरुआत हो चुकी है। पटना में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई पोर्टेबल पोर्टा हट की व्यवस्था अब मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बिहारशरीफ को मिलने जा रही है। लेकिन, साथ-साथ यह दुखद है कि दरभंगा जैसे शहरों तक अभी यह नहीं पहुंच पाएगा। वजह है, दरभंगा स्मार्ट सिटी नहीं है।
Bihar Traffic Police Update: क्या है पोर्टा हट?
पोर्टा हट एक चलायमान पोर्टेबल ढांचा है, जिसमें शामिल होते हैं, शौचालय (Toilet Unit), आराम कक्ष (Rest Room), बिजली-पानी की बुनियादी व्यवस्था, साफ-सफाई की सुनिश्चित जिम्मेदारी। मगर अफसोस दरभंगा के ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए यह अभी दूर की बात है।
Bihar Traffic Police Update: क्यों है यह जरूरी?
ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को शौचालय सुविधा नहीं मिलने की थी बड़ी समस्या है। गर्मी, बारिश, ठंड में आराम करने का कोई सुरक्षित स्थान नहीं होता था। शहरी क्षेत्रों में स्थायी निर्माण की अनुमति में होती थी दिक्कत। बिहार में महिला ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ी, जिससे यह ज़रूरत और भी अहम हो गई।
Bihar Traffic Police Update: दरभंगा क्यों रह जाए पीछे?
दरभंगा में IIT, AIIMS, एयरपोर्ट, सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओवरब्रिज, व्यावसायिक हब बन रहे हैं। लेकिन स्मार्ट सिटी की सुविधाओं से वंचित है। दरभंगा को स्मार्ट सिटी का दर्जा नहीं मिला है। अगर यह मिल जाता तो पोर्टा हट जैसी सुविधा से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और पुलिसकर्मियों को राहत मिलती। लेकिन, उम्मीद अभी बाकी है। शायद अगली फेहरिस्त में दरभंगा का भी नाम हो।
Bihar Traffic Police Update: पहले किन शहरों में लागू?
पटना (कंकड़बाग, स्टेशन रोड, Boring Road सहित 12 स्थान)। मुजफ्फरपुर। भागलपुर। बिहारशरीफ। अब इसमें दरभंगा, गया, पूर्णिया जैसे शहर भी शामिल किए जा रहे हैं।
Bihar Traffic Police Update: पोर्टा हट की प्रमुख विशेषताएं:
सुविधा | विवरण |
---|---|
पोर्टेबल ढांचा | कहीं भी लगाया और हटाया जा सकता है |
शौचालय + विश्राम कक्ष | महिला व पुरुष दोनों के लिए |
स्वच्छता प्रबंधन | नियमित सफाई व सैनिटाइजेशन |
स्थायी निर्माण से बचाव | नगर निगम की अनुमति की जरूरत नहीं |
महिला सुरक्षा में सहायक | निजी, सुरक्षित और साफ जगह |
Bihar Traffic Police Update: ट्रैफिक पुलिस के लिए सम्मानजनक ड्यूटी
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने शहरों के प्रमुख ट्रैफिक पोस्ट पर पोर्टा हट की तैनाती सुनिश्चित करें। स्थानीय ट्रैफिक विभाग में सफाई और रखरखाव के लिए टीम भी गठित होगी। महिला पुलिसकर्मियों को अब ड्यूटी के दौरान सुविधा मिलेगी, जिससे मनोबल भी बढ़ेगा। महिला पुलिसकर्मियों की सुविधा और सम्मानजनक कार्य स्थितियों के लिए सराहनीय कदम। पोर्टेबल, हाइजेनिक और सस्ती व्यवस्था। शहरी ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम।