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मार्च, 21, 2026
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Darbhanga News :आसमानी आफत ने बरपाया कहर, अलीनगर में ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

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Bihar Weather: आसमानी आफत ने किसानों के सपनों पर ऐसा पानी फेरा है कि अब आंखों में उम्मीद की जगह सिर्फ नमी बची है। दरभंगा के अलीनगर प्रखंड में शुक्रवार देर शाम से जारी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की कमर तोड़कर रख दी है। रात भर की बारिश और फिर दिन भर की बूंदाबांदी ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन सबसे गहरी चोट किसानों को लगी है जिनकी साल भर की मेहनत अब पानी में डूबती नजर आ रही है।

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Bihar Weather: खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल, सरसों-दलहन भी बर्बाद

अलीनगर प्रखंड क्षेत्र में हुई इस बेमौसम बारिश ने फसलों पर सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। कई जगहों पर ओले भी गिरे हैं, जिससे तबाही और बढ़ गई है। खेतों में कटाई के लिए तैयार रखी सरसों और तोरी की फसलें पानी में भीगकर बर्बाद होने की कगार पर हैं। वहीं, दलहनी फसलों जैसे मसूर, खेसारी और मटर के खेतों में पानी भर जाने से उनके खराब होने की पूरी आशंका है, जिससे किसानों को भारी फसल नुकसान हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर है कि जगह-जगह गेहूं की फसलें भी खेतों में गिर गई हैं, जिसका सीधा असर उपज पर पड़ना तय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खेतों में जल-जमाव के कारण अब गेहूं की कटाई में भी देरी होगी, जिसने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया है। सड़कों पर जल-जमाव और कीचड़ ने लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल कर दिया है।

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किसानों का दर्द: “जब चाहिए था पानी तब तरसे, अब सब कुछ डूब गया”

तुलापट्टी के किसान बाबू प्रसाद यादव, ललित यादव और नावानगर के मुनाई मंडल जैसे कई किसानों ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि जब रबी की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी, तब आसमान से एक बूंद नहीं गिरी। अगर यही बारिश दो महीने पहले हुई होती तो फसलों की बंपर पैदावार होती। लेकिन उस समय सूखे ने फसल को प्रभावित किया और अब जब फसल कटकर घर आने को तैयार थी, तो इंद्र देवता के प्रकोप ने सब कुछ छीन लिया। किसानों को अब यह डर सता रहा है कि फसल की लागत भी निकलनी मुश्किल है, जिससे वे कर्ज के बोझ तले दबने को मजबूर हो जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। भले ही इस बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया हो और हवा में मौजूद धूलकण को साफ कर दिया हो, लेकिन अन्नदाताओं के लिए यह बर्बादी का पैगाम लेकर आई है। किसानों के लिए यह बारिश फायदे का सौदा नहीं, बल्कि एक बड़ी आफत साबित हुई है।

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