
बिरौल न्यूज़: मंगलवार सुबह बिहार के बिरौल में आसमान से एक ऐसी चीज़ गिरी, जिसने ग्रामीणों के होश उड़ा दिए. बिरौल प्रखंड की कमरकला पंचायत के गमहमरिया खेत में एक अज्ञात यंत्र मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग घंटों तक दहशत में रहे. आखिर क्या था वो रहस्यमय डिवाइस, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी?
‘रहस्यमय डिवाइस’ की दस्तक
मंगलवार की सुबह बिरौल प्रखंड के कमरकला पंचायत के गमहमरिया खेत में ग्रामीणों ने आसमान से एक अज्ञात डिवाइस को गिरते देखा. इस अजूबी चीज़ को ज़मीन पर पड़ा देख आस-पड़ोस के गांवों में तुरंत अफ़रा-तफ़री और कौतूहल फैल गया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि आखिर यह क्या चीज़ है और यह कहां से आई है.
ग्रामीणों में दहशत और अटकलें
जो डिवाइस ज़मीन पर गिरी थी, वह देखने में एक फूटे हुए गुब्बारे और एक छोटे यंत्र जैसी लग रही थी, जिसमें रंग-बिरंगी लाइटें जल रही थीं. इसे देखकर ग्रामीणों में डर और आशंका का माहौल बन गया. लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे. कई लोगों को लगा कि यह किसी दूसरे मुल्क का जासूसी यंत्र हो सकता है, तो कुछ ने इसे कोई विस्फोटक डिवाइस होने का डर जताया. दहशत इतनी थी कि लोग सहमे हुए थे.
पुलिस की कार्रवाई और सच्चाई का खुलासा
जैसे ही इस रहस्यमय डिवाइस के गिरने की सूचना डायल 112 की पुलिस टीम को मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने स्थिति का जायजा लिया और उस अज्ञात डिवाइस को सुरक्षित बिरौल थाना ले आई. थाना प्रभारी चंद्रमणि कुमार ने आगे की जांच के लिए इस डिवाइस को एसडीओ को सौंप दिया. शुरुआती जांच और कुछ जानकारों से बातचीत के बाद पुलिस ने इस रहस्य से पर्दा उठाया.
मौसम विभाग का यंत्र निकला
बिरौल थाना अध्यक्ष चंद्रमणि कुमार ने बताया कि आसमान से गिरा यह यंत्र वास्तव में मौसम विभाग का जीपीएस डिवाइस है. मौसम की जानकारी इकट्ठा करने और उसके पूर्वानुमान के लिए इसे एक गुब्बारे के साथ हवा में छोड़ा गया था. हालांकि, उड़ान के दौरान किसी कारणवश गुब्बारा फट गया और यह यंत्र ज़मीन पर आ गिरा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का जासूसी या विस्फोटक उपकरण नहीं है और इसे आगे की जांच के लिए एसडीओ को सौंपा गया है. पुलिस के इस स्पष्टीकरण के बाद ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.



