
Basant Navratri: चारों दिशाएं जब माता के जयकारों से गूंज उठती हैं और वातावरण में भक्ति की अविरल धारा बहने लगती है, तो समझ लीजिए कि नवरात्रि का पावन पर्व आ गया है। कुशेश्वर स्थान प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में गुरुवार को बसंत नवरात्रि की शुरुआत भव्य कलश यात्राओं के साथ हुई, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
हिरणी गांव में Basant Navratri की धूम
प्रखंड के हिरणी गांव में चैती वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित पूजा का शुभारंभ कलश स्थापना के साथ हुआ। पंडित कमलेश झा ने विधिवत मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान राघव झा के कर-कमलों से कलश की स्थापना कराई। इस अवसर पर पंडित राजनारायण झा ने बताया कि यह भव्य आयोजन समस्त हिरणी ग्रामवासियों के सहयोग से संभव होता है। उन्होंने जानकारी दी कि नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही, गुरुवार से नौ दिनों तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें कथावाचक अशोक झा अपने मुखारविंद से कथा का वाचन करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मौके पर माधव झा, राज नारायण झा, नंद लाल झा, और रूपन झा सहित समस्त ग्रामीण उपस्थित रहे।
भरडीहा में चार दिवसीय मेले का आयोजन
वहीं दूसरी ओर, भरडीहा दुर्गा मंदिर से भी एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। आचार्य विजय ठाकुर ने मुख्य यजमान को मंत्रोच्चार के साथ यात्रा का संकल्प दिलाया। यह यात्रा भरडीहा गांव से होते हुए फकदोलिया, केंवटगामा के रास्ते सलमगढ़ शिवमंदिर परिसर स्थित चंद्रकूप तक पहुंची। वहां से पवित्र जल भरकर कलश पुनः दुर्गा मंदिर लाया गया, जहां आचार्य विजय ठाकुर ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ कलश स्थापित कराकर पूजा आरंभ की। इस चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां चार दिवसीय मेले का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा अन्य कई आयोजन भी गांव वालों के सहयोग से किए जाते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समौरा गांव में 35 वर्षों से चली आ रही परंपरा
इसी क्रम में समौरा गांव में भी नवरात्र के पावन अवसर पर कलश शोभा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा दुर्गा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर पूरे गांव की परिक्रमा करते हुए नमकी घाट पहुंची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहां विधिवत मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया और फिर उसे वापस मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान सैकड़ों भक्तों ने माता के जयकारे लगाकर पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया। बताया जाता है कि समौरा गांव स्थित दुर्गा मंदिर में पिछले 35 वर्षों से लगातार मां भगवती की पूजा-अर्चना की यह परंपरा चली आ रही है।




