spot_img

Darbhanga News: Benipur Anganwadi Workers का दर्द, 3 महीने से नहीं मिला मानदेय, त्योहारों पर बच्चों के लिए खिलौने तो दूर, सेवइयां भी नसीब नहीं

spot_img
- Advertisement -

Anganwadi workers: दूसरों के आँगन में किलकारियां गूंजे और नौनिहालों का भविष्य संवरे, इसकी चिंता करने वालों के अपने ही घर में चूल्हा ठंडा पड़ा है। होली का गुलाल भी फीका रहा और रमजान की सेवइयां भी नसीब नहीं हुईं। यह कहानी बेनीपुर की उन आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की है, जो भूख और कुपोषण के खिलाफ सरकार की लड़ाई में पहली पंक्ति की योद्धा हैं, लेकिन पिछले तीन महीने से अपने ही मानदेय के लिए तरस रही हैं।

- Advertisement -

क्या है Benipur Anganwadi Workers की पीड़ा?

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बेनीपुर प्रखंड में कुल 287 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर नियुक्त सेविकाएं और सहायिकाएं हर दिन लगभग 35 बच्चों को पोषाहार और स्कूल-पूर्व शिक्षा देने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। इस सेवा के बदले सरकार ने सेविका के लिए 9000 रुपये मासिक और सहायिका के लिए 4500 रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया है। यह राशि पहले से ही न्यूनतम मजदूरी के मानकों से काफी कम है, लेकिन विडंबना यह है कि यह भी समय पर नहीं मिल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आलम यह है कि होली और रमजान जैसे बड़े त्योहार भी बिना पैसों के गुजर गए, जिससे इन कर्मियों के बच्चों को नए कपड़े और खिलौने तो दूर, घर में पुआ-पकवान तक नसीब नहीं हो सका।

- Advertisement -

कुछ सेविकाओं ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके मानदेय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे यह 7000 से बढ़कर 9000 रुपये हो गया था। चुनाव के दौरान कुछ महीनों तक तो नियमित रूप से भुगतान भी हुआ, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, व्यवस्था फिर से पटरी से उतर गई। अब समय पर मानदेय भुगतान एक सपना बनकर रह गया है, जिसके कारण उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga Crime News: दरभंगा में Land Dispute Attack, घर में घुसकर अंग - भंग, पूरे परिवार पर जानलेवा हमला, कई गंभीर

मानदेय के बदले सिर्फ जिम्मेदारी का बोझ

आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का काम सिर्फ बच्चों को पढ़ाने और खाना खिलाने तक सीमित नहीं है। उन पर कई अन्य सरकारी योजनाओं को सफल बनाने का भी जिम्मा है।

  • गर्भवती और प्रसूति महिलाओं की नियमित देखभाल और स्वास्थ्य जांच।
  • बच्चों का टीकाकरण और पल्स पोलियो उन्मूलन जैसे राष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी।
  • परिवार नियोजन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना।
  • चुनाव के समय बूथ पर मतदाताओं की पहचान से लेकर अन्य कई तरह के काम।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: दरभंगा में गर्भवती महिला की खुदकुशी, फंदे से लटकी मिली गुड़िया, पति बीमार-जेठानी से झगड़े से तनाव और पेट में मर गई जिंदगी

इन सभी अतिरिक्त कार्यों के लिए उन्हें कोई अलग से मेहनताना नहीं दिया जाता है। इसके बावजूद वे अपनी हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाती हैं। लेकिन जब अपने हक की बात आती है, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। त्योहारों के समय जब उनके बच्चे नई उम्मीदों से उनकी ओर देखते हैं, तो वे उन्हें झूठा दिलासा देने के सिवा कुछ नहीं कर पातीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

अधिकारी ने झाड़ा पल्ला

जब इस गंभीर मामले पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) रंजीत कुमार से बात की गई, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय कार्यालय का काम केवल मासिक उपस्थिति का विवरण तैयार कर विभाग को भेजना है। मानदेय का भुगतान सीधे विभाग द्वारा आईएफएमएस (IFMS) प्रणाली के माध्यम से सेविकाओं के बैंक खाते में किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान में हो रही इस देरी में स्थानीय कार्यालय की कोई भूमिका नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों के इस जवाब ने सेविकाओं की उम्मीदों को और धूमिल कर दिया है, और अब वे इस अनिश्चितता के बीच काम करने को विवश हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Samastipur News: सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन, बिहार से दक्षिण भारत जाना हुआ आसान, जानिए टाइमिंग और स्टॉपेज

सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन: गर्मी की छुट्टियों में दक्षिण भारत जाने का प्लान बना रहे...

Darbhanga News: दरभंगा में भीषण बाइक दुर्घटना, 6 लोग गंभीर, DMCH रेफर

बाइक दुर्घटना: दरभंगा में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके...

Weather Alert: दिल्ली में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान, रहें सावधान!

Weather Alert: राजधानी दिल्ली में मौसम ने करवट ली है और अगले 24 घंटों...

Bihar News: पशुपति पारस का स्वास्थ्य: बिगड़ी तबीयत, चिराग मिलने पहुंचे अस्पताल; क्या है चाचा-भतीजा के रिश्तों का नया मोड़?

पशुपति पारस का स्वास्थ्य: बिहार की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है।...