Bihar Scholarship News/ Bihar Vidyadhan Scholarship 2026: बिहार में ऐसे कई छात्र हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मुश्किलें आती हैं। इन मेधावी विद्यार्थियों के लिए बिहार सरकार एक महत्वपूर्ण योजना चला रही है। इस पहल के तहत, मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले योग्य छात्रों को 20 हजार से 75 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह विशेष छात्रवृत्ति सुनिश्चित करेगी कि धन के अभाव में कोई भी प्रतिभावान बच्चा अपनी पढ़ाई जारी रखने से वंचित न रहे।
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छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य और लाभ – Bihar Vidyadhan Scholarship 2026
बिहार सरकार ने गरीब और मेधावी छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए “बिहार इंटर छात्रवृत्ति विद्याधन योजना” शुरू की है। यह योजना सरोजनी दामोदरन फाउंडेशन के साथ मिलकर संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं और जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। यह योजना न केवल उनकी तत्काल शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करती है बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए भी प्रोत्साहित करती है।
सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए, मैट्रिक परीक्षा में न्यूनतम 75% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है, जबकि दिव्यांग छात्रों के लिए यह सीमा 65% रखी गई है। शुरुआत में, चयनित छात्रों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान प्रत्येक वर्ष 10-10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी, जो कुल दो वर्षों के लिए होगी। इसके बाद, यदि वे अपनी आगे की पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डिग्री कोर्स के लिए सालाना 25 हजार से 75 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जो उनके कोर्स की प्रकृति पर निर्भर करेगी। यह Bihar Student Scheme बिहार के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिससे उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिल रहा है।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़
इस महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और नि:शुल्क रखी गई है, ताकि सभी पात्र छात्र आसानी से आवेदन कर सकें। छात्रों का चयन एक ऑनलाइन परीक्षा और उसके बाद एक साक्षात्कार (इंटरव्यू) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे उनकी योग्यता और आवश्यकता का सही मूल्यांकन हो सके। राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया है कि वे इस योजना के तहत छात्रों के पंजीकरण को सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी हेडमास्टर्स को भी आदेश दिए गए हैं कि वे अपने विद्यालयों के छात्रों को इस अवसर के बारे में जागरूक करें और उन्हें आवेदन करने में सहायता प्रदान करें।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई निर्धारित की गई है, इसलिए इच्छुक छात्रों को जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन करते समय, छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे, जिनमें पासपोर्ट साइज़ का फोटो, दसवीं कक्षा की अंक-तालिका (मार्कशीट), परिवार का आय प्रमाण पत्र और छात्र के नाम से एक वैध ईमेल आईडी शामिल हैं। यह विद्याधन कार्यक्रम पहले से ही भारत के कई अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जो इसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह बिहार सरकार की एक संयुक्त पहल है जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
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यह छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है। यह उन बच्चों को मौका देगी जो पैसे की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते थे। राज्य सरकार और सरोजनी दामोदरन फाउंडेशन का यह संयुक्त प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बिहार के भविष्य को उज्जवल बनाने में सहायक सिद्ध होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







