
Darbhanga: बेनीपुर में उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है! अनुमंडल मुख्यालय स्थित जी बी एम गैस एजेंसी पर गैस न मिलने से आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। यह घटना क्षेत्र में गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है।
रविवार को बेनीपुर अनुमंडल मुख्यालय स्थित जी बी एम गैस एजेंसी पर तब अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह से लाइन में लगे उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिली। त्रिमुहानी के गंगा यादव, पौड़ी के मधुकान्त झा, कटवासा के सुमन जी यादव, महिनाम की कौशल्या देवी और बेनीपुर के असगर अली सहित कई उपभोक्ताओं ने वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि गैस एजेंसी वितरक मनमानी कर रहा है और गैस उपलब्ध होने के बावजूद वितरण बंद कर दिया गया। इसी बात को लेकर लोगों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने जमकर हंगामा किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है पूरा मामला? Gas Cylinder Shortage ने कैसे बिगाड़ी व्यवस्था
उपभोक्ताओं ने इस पूरे मामले के लिए प्रभारी एमओ मोनिका कुमारी को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि एमओ और वितरक की मिलीभगत के कारण ही क्षेत्र में रसोई गैस के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। Gas Cylinder Shortage की वजह से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही और उपभोक्ताओं का आरोप
क्षेत्र में गैस की समस्या को देखते हुए और एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया था। एसडीओ को निर्देशित किया गया था कि सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाए। हालांकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रहा है। यदि दंडाधिकारी मौके पर मौजूद होते, तो शायद यह हंगामा नहीं होता और कालाबाजारी पर भी अंकुश लग पाता। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वितरक की सफाई और DM के आदेश की अनदेखी
इस संबंध में गैस वितरक प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि रविवार को कुल 425 सिलेंडर एजेंसी पर आए थे, जिनका वितरण उपभोक्ताओं के सामने गाड़ी पर से ही किया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि आए सिलेंडरों की संख्या डीएसी नंबर (डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड) की तुलना में कम थी, जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पाई और वे आक्रोशित हो गए। वितरक ने यह भी बताया कि उस समय पुलिस बल और दंडाधिकारी भी मौके पर मौजूद नहीं थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह घटना स्पष्ट करती है कि गैस वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है, और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्याएँ पैदा कर रही है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर रसोई गैस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने की आवश्यकता है।





