
मदरसा मीटिंग: जाले के मदरसा नुरुल इस्लाम रेवढ़ा में रविवार को हुई एक बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यह सिर्फ एक सामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि छात्रों के भविष्य और मदरसे की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। अध्यक्ष डॉ. शाहिद जया अहमद की अगुवाई में हुई इस मीटिंग में क्या-क्या तय हुआ, आइए जानते हैं।
जाले प्रखंड क्षेत्र के मदरसा नुरुल इस्लाम, रेवढ़ा में प्रबंध समिति की यह बैठक अध्यक्ष डॉ. शाहिद जया अहमद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान मदरसे के शैक्षणिक कार्यों को सुदृढ़ करने, मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे मील) के बेहतर संचालन और भवन की रंगाई-पुताई कराने जैसे कई अहम निर्णय लिए गए। इस मदरसा मीटिंग ने भविष्य के लिए कई राहें खोलीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शैक्षणिक गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार
बैठक का मुख्य उद्देश्य मदरसे में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाना और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना था। प्रबंध समिति ने एक स्पष्ट कार्ययोजना पर सहमति जताई, जिसमें पाठ्यक्रम को मजबूत करना और शिक्षण पद्धतियों में नवाचार लाना शामिल है। इसके अलावा, छात्रों के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया गया।
बैठक के दौरान अध्यक्ष डॉ. शाहिद जया अहमद ने अपनी ओर से मदरसे के लिए चार कुर्सियां और बच्चों के बैठने के लिए चटाई उपलब्ध कराईं। यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे तत्काल छात्रों को सुविधा मिली।
मदरसा मीटिंग में छात्र कल्याण के लिए अहम निर्णय
इस महत्वपूर्ण बैठक में छात्रों के समग्र विकास और छात्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह फैसला किया गया कि मदरसे के सभी छात्रों को जल्द ही ड्रेस और बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। यह पहल निश्चित रूप से छात्रों में उत्साह पैदा करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण सभा में सचिव मोहम्मद अमानुल्लाह, प्रभारी प्रधान मौलवी मोहम्मद नौशाद आलम, सहायक शिक्षक मोहम्मद तनवीर अख्तर, सदस्य इम्तियाज अहमद व एहरार अहमद सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





