
राष्ट्रीय लोक अदालत: न्याय अब आपके द्वार! बेनीपुर में आगामी 9 मई को एक बार फिर सुलह और समझौते के रास्ते न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसे सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों ने पैनल अधिवक्ताओं और पारा विधिक स्वयंसेवकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें कई अहम निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में अधिवक्ताओं की भूमिका
बेनीपुर न्यायालय परिसर में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संदर्भ में न्यायालय सभागार में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति ऋषि गुप्ता ने पैनल अधिवक्ताओं एवं पारा विधिक स्वयंसेवकों के साथ विशेष बैठक की। उन्होंने कहा कि न्यायालयों द्वारा शमनीय मुकदमों के पक्षकारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। चूंकि पक्षकार सर्वप्रथम अपने अधिवक्ता से ही परामर्श करते हैं, ऐसे में अधिवक्ताओं से अपेक्षा है कि वे उन्हें लोक अदालत के लाभों से अवगत कराते हुए अपने मुकदमों का निष्पादन लोक अदालत में कराने को प्रेरित करें। विधिक सेवा प्राधिकार के हितधारक होने के नाते राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की विशेष जिम्मेदारी पैनल अधिवक्ताओं की भी है। सभी पैनल अधिवक्ता जागरूकता अभियान, लीगल ऐड क्लिनिक, फ्रंट ऑफिस और विधिक साक्षरता क्लब आदि के जरिए लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्री-काउंसलिंग और घर-घर जाकर जागरूकता पर जोर
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रभारी न्यायाधीश रौशन कुमार छापोलिया ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि न्यायालयों में प्री-काउंसलिंग भी जारी है। लोक अदालत से पहले भी शमनीय मुकदमों के पक्षकार न्यायालय में आकर अपने मामलों को लोक अदालत में भेजने के लिए तैयार करा सकते हैं, ताकि लोक अदालत में आसानी से मुकदमों को निष्पादित किया जा सके। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव अनुमंडल विधिक सेवा समिति रोहित कुमार गुप्ता ने पारा विधिक स्वयंसेवकों को अपने पंचायत एवं प्रखंड क्षेत्र में लोक अदालत का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मुकदमों में पक्षकारों को नोटिस जारी करें और अपने क्षेत्र के पक्षकारों के घर-घर जाकर उन्हें समझौते के लिए राजी करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।






