
सहयोग शिविर: बिहार में अब जनता को अपनी समस्याओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार ने पंचायत स्तर पर ही जन सुनवाई और समस्या समाधान के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसका आगाज बेनीपुर से हो गया है। बेनीपुर के तरौनी पंचायत सरकार भवन पर विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों की हर समस्या का समाधान अब पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित हो।
पंचायत स्तर पर जन सुनवाई: क्या है सहयोग शिविर का मकसद?
सरकार गठन के तुरंत बाद ही पंचायत स्तर पर ऐसे ‘सहयोग शिविर’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया था, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रत्येक माह के पहले और आखिरी मंगलवार को हर प्रखंड की एक पंचायत में यह शिविर लगाया जाएगा। इसका सीधा मकसद आम लोगों की सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्पष्ट निर्देश है कि जनता की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित कर्मी पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। सरकारी कर्मियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कितनी शिकायतें मिलीं और कितनों का हुआ निपटारा?
सरकार के इस निर्णय के आलोक में तरौनी पंचायत सरकार भवन पर अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा की अध्यक्षता में पहला जन शिकायत निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान 10 मामलों का त्वरित निष्पादन भी किया गया। बीडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 160 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सर्वाधिक आवेदन ग्रामीण विकास (आवास, मनरेगा, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन) से संबंधित थे, जिनकी संख्या 52 थी। इसके अलावा, भूमि विवाद से 35, आपूर्ति विभाग से 31, तथा ग्रामीण कार्य विभाग, बिजली, श्रम विभाग, सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित 8-8 आवेदन प्राप्त हुए। जिन मामलों का तत्काल निपटारा किया गया, उनमें आवास से संबंधित पांच, सामाजिक सुरक्षा से तीन, विद्युत और आईसीडीएस से संबंधित एक-एक मामला शामिल है।
इस महत्वपूर्ण पहल के दौरान पंचायत के मुखिया श्याम सुंदर साहू सहित सभी पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार की यह कोशिश जन शिकायत निवारण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।






