

दरभंगा, देशज टाइम्स टीम। आप आगे बढ़ो, खूब चलो, चलते रहो, दौड़ भी सके तो दौड़ों, चलते रहो, अनवरत चलो, लगातार चलो और बढ़ो, जहां तक बढ़ सको बढ़ो…मैं पीछे से आऊंगा और यकीं करो, तुमसे आगे बढ़ जाऊंगा…। देशज टाइम्स यही है। आगे बढ़ने की ललक ने इसे उस विस्तार के कोण तक पहुंचाया है, जहां सारा आकाश अपना है। यह धरती अपनी है। ये चिड़िए अपने हैं। हर घर में घौंसले अपने हैं। उम्मीद जहां से भी है, उम्मीद खुद से भी है। उम्मीद आपसे भी है। इसी उम्मीद में जिन्होंने विश्वास पैदा किया। देशज टाइम्स के सफल चार साल के गवाह बनें। सिंहवाड़ा में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में गर्मी को झेला। उमस से परेशान रहे। हमारे माननीय अतिथियों का हम ह्दय से स्वागत करते हैं। उन्हें बधाई देते हैं। यह तय मानकर, जिनकी उपस्थिति इतनी लंबी दूरी तय कर यहां तक चलकर पहुंंची, जिन्होंने छोटे से मंच को साझा कर उसे बड़ा-विहंगम आकार में परिभाषित, यादगार बना दिया। जिनकी मौजूदगी ने देशज टाइम्स के चार कठोर सालों की चुभन, उसके पीछे की परेशानियों को चुटकी में मरहम लगाते हमें मुस्कुराने, आगे बढ़ने की ताकत, हमें ऊर्जान्वित कर गए। हम यकीं से कह सकते, ये हमारे, देशज टाइम्स के सर्वोत्तम शुभचिंतक हैं। हम आज यह मानकर बैठे हैं, ऐसे शुभचिंतकों ने हमें जो दिशा दिखाई है, उस उत्तर-पूरब-पश्चिम और दक्षिण की राह चलकर हम देशज टाइम्स को सर्वोच्च मुकाम पर ले जाएंगें।
हमारे, विशिष्ट अतिथि, हमारे कार्यक्रम के सिरमौर, हमारे मार्गदर्शक मंडल में शामिल बीस जुलाई 2022 के इस पावन देशज टाइम्स के चार साल के ऐन मौके पर जन्मोत्सव-स्थापना दिवस पर, मंचासीन होकर, हमें आशीष दिए, हमें आशीर्वादों से भरपूर-सशक्त किया। ऐसे विशिष्ट जनों, सदर डीएसपी कृष्णनंदन कुमार, मुख्यालय डीएसपी अमित कुमार, महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान के निदेशक हीरा कुमार झा, दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक विशाल गौरव, साहित्यकार चौधरी कौशल किशोर ठाकुर का देशज टाइम्स शुक्रगुजार है। उनका अभिनंदन करता है। सचमुच, ऐसे विशिष्टजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने देशज टाइम्स को एक ताकत देने का कार्य, उसे विस्तारित किया है।
हम शुक्रगुजार हैं, सिंहवाड़ा थाना प्रभारी मनीष कुमार का, जिन्होंने अपने व्यस्त समय के बावजूद, कार्यक्रम में मौजूद होकर हमें उत्साहित किया। उन्हें तहे दिल से आभार।
हम उन्हें भी नहीं भूल सकेंगे, जिन्होंने यहां आकर, हमें प्यार से भरपूर अहसासों को जिंदा कर दिया। हम तहे दिल से आभारी हैं, आकाशवाणी दरभंगा से जुड़े, दरभंगा के चुनाव ऑइकान मणिकांत झा का। हम शुक्रगुजार हैं, प्रभात खबर के ब्यूरो प्रमुख सतीश कुमार, राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो प्रमुख संजीव कुमार, मैथिली अखबार के ब्यूरो प्रमुख दीपक कुमार, दैनिक भास्कर दरभंगा के बिजनेस हेड ललित कुमार झा, दैनिक जागरण सिंहवाड़ा के सदरे आलम, सिंहवाड़ा भास्कर के फैजुल्लाह अनवर, कमतौल भास्कर के अलींद्र ठाकुर, पत्रकार दिगंबर ठाकुर, हायाघाट के दीपक कुमार, सिंहवाड़ा के मनोहर झा, सीटी मिथिला के संपादक सुनील भारती का।
हमारे लिए, जिनकी उपस्थिति से अधिक, जिन्होंने देशज टाइम्स के इस चार साल के मौके को सेलिब्रेट करने में हमारी भरसक मदद की, हमें गर्व है, हमारे मित्र, हमारे भाई समान दैनिक भास्कर के विशेष अपराध संवाददाता राकेश कुमार नीरज का। श्री नीरज ने इस कार्यक्रम को आकार, उसके प्रकार, उसका वर्ग, उसका सामुच्य तैयार करने में हमारी मदद की। हम तहे दिल से शुक्रगुजार हैं।
हम शुक्रगुजार हैं, सिंहवाड़ा के युवा राजनीतिक चेहरा, भविष्य के कर्मठ राजनीतिक उभार के धनी भोला राय का, जिन्होंने हमारे कार्यक्रम में आकर हमें गौरवान्वित किया। हम शुक्रगुजार हैं, शिक्षाविद नवीन प्राथमिक विद्यालय, मइन टोल, सेरहा मनिकौली के प्रधान शिक्षक बैद्यनाथ सहनी, पूर्व मुखिया सुधीर कांत मिश्र, हिमालयन टाइम्स के पूर्व प्रसार प्रबंधक सत्यनारायण चौधरी का।
हम तहे दिल से आभारी हैं, देशज टाइम्स के संजय कुमार राय, आशीष सिंह, उत्तम सेन गुप्ता, प्रशांत कुमार, अविनाश कुमार, पुरूषोत्तम प्रधान का जिन्होंने कार्यक्रम को यादगार बनाया। मधुबनी के समीर कुमार मिश्रा का भी, जिनकी दूर से ही उपस्थिति मायने रखता है। इसके अलावे, हम उन्हें कतई नहीं भूल सकते, जिन्होंने व्यक्तिगत सहभागिता और सार्मथ्य से देशज टाइम्स के कार्यक्रम में चार चांद लगाया, प्रोफेसर राजेश ठाकुर, इलेक्ट्रिक इंजीनियर मुकेश कुमार, समाजसेवी अजय झा का।
हम तहे दिल से शुक्रगुजार हैं, सिंहवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार और एमबीडी कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य शिवेश्वर पाठक का, जिन्होंने बेहतरीन मंच संचालन से सबका दिल जीत लिया। वहीं, सिंहवाड़ा के कवि सम्राट आनंद मिलन का, जिन्होंने अपने कविता पाठ से वर्तमान परिवेश को झकझोरा।
देशज टाइम्स की सोच, उसकी मंशा, उसकी समझ यही है, हमें किसी से कोई प्रतिस्पर्द्धा नहीं है। हम प्रतियोगी बनने की कतई कोशिश नहीं करते। और, ना ही हम किसी के प्रतियोगी हैं। किसी से प्रतिस्पर्द्धा करते हैं। हम अपनी राह पकड़कर चल रहे हैं। जिनका सहयोग हमें मिला है, हम उनके प्रति आशान्वित हैं। उनके प्रति अभारी हैं। जिन्होंने सहयोगात्मक रूख नहीं अपनाया, देशज उनके प्रति भी आभारी है। कुछ मजबूरियां रहीं होंगी यूं कोई बेवफा नहीं होता…
हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उट्ठें
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
बस इसी के साथ हम ले चलते हैं आपको, तस्वीरों के साथ छोड़ रहे हैं, जिन तस्वीरों में देशज का वर्तमान और उसके भविष्य का अक्स भी।
तहे दिल से आभार, सबों का बहुत-बहुत शुक्रिया
































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