
Darbhanga School News: ज्ञान का मंदिर कहलाने वाला स्कूल जब कूड़ेदान और तबेले में तब्दील हो जाए, तो समझ लीजिए कि वहां बच्चों का नहीं, बल्कि उनके भविष्य का अतिक्रमण हो रहा है। जाले प्रखंड से एक ऐसी ही शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक सरकारी विद्यालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
Bihar School News: चारदिवारी के अभाव में अतिक्रमण का अड्डा बना स्कूल
जाले प्रखंड स्थित राढ़ी पश्चिमी पंचायत का मध्य विद्यालय पकटोला इन दिनों विद्यालय कम, अतिक्रमण का केंद्र अधिक बन गया है। आलम यह है कि स्कूल परिसर में सूअर, बकरी जैसे जानवर खुलेआम घूमते हैं और गंदगी फैलाते हैं। चारदिवारी न होने का फायदा उठाकर स्थानीय लोग यहां बांस-बल्ली भी रखते हैं, जिससे स्कूल की जमीन लगातार सिकुड़ती जा रही है। यह हाल तब है जब सूबे में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
असामाजिक तत्वों के लिए भी यह परिसर एक सुरक्षित अड्डा बन गया है। यहां शाम ढलते ही शराब की बोतलें, ताश के पत्ते और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बिखरी हुई मिलती हैं। स्कूल का चापाकल, शौचालय और बरामदा हमेशा गंदगी से भरा रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस गंदगी के अंबार ने बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है, जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं।
क्या कहते हैं स्कूल के प्रधानाध्यापक?
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय कुमार ठाकुर ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए बताया कि कागजों पर विद्यालय के नाम पर करीब एक एकड़ आठ डिसमिल जमीन दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण के चलते वर्तमान में मात्र 15 से 16 कट्ठा जमीन ही विद्यालय के उपयोग में है। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले आंशिक चारदिवारी का निर्माण तो हुआ, लेकिन पूर्वी और दक्षिणी हिस्सा खुला छोड़ दिया गया, जिसका खामियाजा आज स्कूल भुगत रहा है।प्रधानाध्यापक ने आगे कहा, “जैसे ही स्कूल की छुट्टी होती है, पूरा बरामदा मवेशियों का अड्डा बन जाता है। अगले दिन जब हम आते हैं, तो हमें खुद ही सफाई करनी पड़ती है।” स्कूल भवन की जर्जर हालत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ऊपरी मंजिल के कमरों की छत से पानी टपकता है, इसलिए उन्हें बंद कर दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नीचे के कमरों का फर्श भी टूटा-फूटा है और किचन शेड की हालत भी दयनीय है।विद्यालय में कुल 294 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन शनिवार को मात्र 123 बच्चे ही उपस्थित हुए। इससे साफ पता चलता है कि परिसर में फैली गंदगी और असुरक्षा के माहौल के कारण बच्चों की उपस्थिति लगातार घट रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यालय की चारदिवारी का निर्माण कराने और इसकी जर्जर संरचना की मरम्मत की मांग की है, ताकि बच्चों का भविष्य बचाया जा सके।


