
Biraul News: कानून के हाथ लंबे होते हैं, ये कहावत तो सुनी होगी, लेकिन जब ये हाथ किसी मास्टरनी के गिरेबान तक पहुंच जाएं तो समझिए मामला संगीन है। दरभंगा जिले की बिरौल पुलिस ने एक साथ छह लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिसमें एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका भी शामिल हैं।
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाली एक महिला शिक्षिका, बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम का उल्लंघन करने वाले चार युवक और एक अन्य मामले का वारंटी शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
Biraul News: क्यों गिरफ्तार हुईं सरकारी स्कूल की शिक्षिका?
गिरफ्तार की गई शिक्षिका की पहचान श्वेता कुमारी के रूप में हुई है, जो कुशेश्वरस्थान के एक सरकारी विद्यालय में कार्यरत हैं। उनके खिलाफ दरभंगा के एससी/एसटी थाने में कांड संख्या 63/22 के तहत एक मामला दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
न्यायालय द्वारा निर्धारित तिथि पर पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। यह दूसरी बार है जब उन्हें इसी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस अधिकारी आभा कुमारी ने उन्हें सुपौल बाजार स्थित गाड़ा विवाह भवन के पास एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया।
चार पियक्कड़ और एक अन्य वारंटी भी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई सिर्फ शिक्षिका तक ही सीमित नहीं रही। पुलिस ने सुपौल बाजार से ही चार युवकों को नशे की हालत में गिरफ्तार किया। इनकी पहचान मणिकपुर निवासी संदीप चौधरी, अरविंद कुमार, बलिराम चौधरी और जयंतीपुर दाथ निवासी अनिल सहनी के रूप में हुई है। जांच में इन सभी के शरीर में अल्कोहल की पुष्टि हुई है, जिसके बाद बिहार शराबबंदी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इसके अलावा, पुलिस ने कांड संख्या 64/18 के एक पुराने वारंटी दिनेश सहनी को भी सुपौल बाजार स्थित उसके आवास से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। थानाध्यक्ष ने पुष्टि की कि सभी छह गिरफ्तार व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।






