दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। सदर प्रखंड में प्रखंड प्रमुख और बीडीओ के तालमेल से हुई तीन करोड़ की गड़बड़ी के मामले में डीएम राजीव रौशन ने कड़ा एक्शन लिया है।
वायरल बीडीओ की खबर देशज टाइम्स ने प्रमुखता से छापा। तो, दरभंगा के डीएम राजीव रौशन ने इसे तत्काल गंभीरता से लिया और मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएम श्री रौशन की ओर गठित टीम इस मामले की जांच करेगी।






जानकारी के अनुसार, इस मामले में सदर प्रखंड के प्रमुख और बीडीओ के तालमेल से कई योजनाओं में तीन करोड़ से ऊपर की गड़बड़ी की गई है। वर्तमान प्रमुख शंभु साह का कहना था कि महज कुछ ही महीनों में उसने करीब तीन करोड़ रुपये की राशि कमा लिया है लेकिन यह संभव बीडीओ साहब के सहयोग से हुआ है।
सदर प्रखंड के प्रमुख शंभु साह और पूर्व प्रमुख उपेंद्र साह के बीच हुई बातचीत का ऑडियो खूब वायरल हो रहा था ! जब इस बात की चर्चा जोर पकड़ी तो कई लोग सवाल करने लगे कि इतने कम दिनों में आखिरकार प्रमुख कैसे तीन करोड़ कमा लिए।
कई लोंगों का जवाब था कि बीडीओ साहब जब साथ दे तो पैसे बरसने लगेंगे योजनाएं तो कागजों पर सिमट जाएगा। पूर्व प्रमुख उपेंद्र साह ने इसे लेकर दरभंगा डीएम आवेदन देकर इस मामले को जांच करने के लिये आग्रह किया भी किया था। पूर्व प्रमुख उपेंद्र ने कहा था कि यह ऑडियो बिल्कुल सच है।
उन्होंने कहा कि प्रमुख ने मुझे फोन कर कहा था कि प्रमुख बनने के लिये हमें करोड़ से ऊपर खर्च हुये थे जो हमने वसूल कर लिया है। इसमें बीडीओ साहब का सहयोग है। पूर्व प्रमुख ने डीएम को दिए आवेदन में कहा था कि ऑडियो काल की जांच करते हुए सरकारी पैसों का दुरुपयोग नहीं हो इसीलिए स-समय जांच कर कार्रवाई की दिशा कदम उठाया जाए। पूर्व प्रमुख ने कहा था। इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है जो खुद ही स्वीकार कर रहा हो।
इधर, प्रमुख शंभु साह के मोबाइल पर देशज़ टाइम्स के पत्रकार ने फोन कर इस मामले पक्ष लेना चाहा तो उनका मोबाइल बंद था। लेकिन, उसी नंबर पर व्हाट्सएप चालू था। उन्होंने कहा कि योजना हम किए हैं जो धरातल पर है और ऑडियो के बारे में क्या है मुझे पता नहीं। प्रशासन ऑडियो की जांच कराए।
इधर देशज़ टाइम्स ने सदर बीडीओ के मोबाइल पर फोन कर इस बाबत पक्ष लेना चाहा तो उन्होंने कहा बाद में बात करेंगे। अब सवाल उठता है कि प्रखंड प्रमुख बनने के लिए शंभु ने कितने पंचायत समिति को खरीदा था। और, कितने पैसों को देकर खरीदा था। यह जांच का विषय है। लेकिन, सवाल यह भी उठता है कि इतने पैसे उन्होंने कहां से लाए। क्योंकि सबको नकद ही दिए होंगे, जो काला सफेद नहीं हो सकता। कई ऐसे बिंदु हैं जिसे डीएम राजीव रौशन की ओर से बनाई गई टीम बिंदु बार मामले को खंगालेगी।







