Darbhanga News: बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री और दरभंगा जिले के प्रभारी मंत्री ईं शैलेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। मंगलवार को दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड स्थित नरमा नावानगर पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर जनता से जुड़े काम पूरे नहीं हुए, तो किसी भी अधिकारी के खिलाफ बिना प्रपत्र-क गठित किए सीधे निलंबन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो और अधिकारी सक्रियता से काम करें।
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जनता को त्वरित लाभ पहुंचाना प्राथमिकता
मंत्री शैलेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी जिलों में महीने के पहले और अंतिम मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित करने का मुख्य मकसद यही है कि लोगों के काम सही तरीके से और समय पर हों। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में सड़कों के जाल बिछाने, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चलकर राज्य का विकास कर रही है और लोगों के सपनों को साकार कर रही है।
शिक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मंत्री ने शिविर में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा की कमी के कारण ही उन्हें आज कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से अपने बच्चों को शिक्षित करने का आग्रह किया, क्योंकि शिक्षा ही उनकी परेशानियों को दूर कर सकती है। उन्होंने बताया कि अब पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय और प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खुल गए हैं, जिसका लाभ उठाना चाहिए।
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इस अवसर पर जीविका की सीएम ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं पंचायत की मुखिया अनुराधा सिंह ने मंत्री शैलेन्द्र कुमार को पाग, चादर और मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया। मुखिया ने हरसिंहपुर से ज्वालामुखी कसरौर जाने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क के अधूरे निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने और कमला नदी के फटकी घाट पर बने जर्जर पुल के निर्माण की मांग भी रखी। दरभंगा पूर्वी भाजपा के महामंत्री संजय सिंह पप्पू ने भी विधानसभा क्षेत्र में कई सड़कों के चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग की। मंत्री ने शिविर के विभिन्न काउंटरों पर जाकर व्यवस्थाओं और प्रगति का जायजा लिया। शिविर में लगभग डेढ़ सौ लोगों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से कुछ की समस्याओं का त्वरित समाधान भी किया गया। मंत्री के हाथों कई आयुष्मान कार्ड, पीडीएस लाभार्थियों, जॉब कार्ड, लेबर कार्ड और बाल विकास परियोजना के बच्चों को ड्रेस वितरित किए गए।
शिविर की कमान भूमि सुधार उपसमाहर्ता अविनाश कुमार सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित कुमार मिश्रा मुख्य रूप से संभाल रहे थे। इस दौरान बेनीपुर एसडीएम मनीष कुमार झा, सीओ कुमार शिवम, बीईओ मसलेहउद्दीन, बीएओ रामकुमार मंडल, प्रखंड पंचायतीराज अधिकारी दीपिका झा, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मोनिका कुमारी, एलईओ स्मृति भारद्वाज, सीएचसी के प्रभारी डॉ. बिमलेश प्रकाश, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजशेखर, जीविका के बीपीएम राजेश कुमार पासवान और सीडीपीओ अंजू कुमारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। अलीनगर पंचायत सरकार भवन में भी इसी प्रकार का सहयोग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें मुखिया मनेसुर रहमान और प्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। यह पहल बिहार सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।







