Madhubani News: बिहार के मधुबनी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जमीन विवाद को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने खुद को आग के हवाले कर दिया। इस हृदय विदारक घटना के बाद भीड़ इतनी आक्रोशित हो गई कि उसने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है पूरा मामला, क्यों भड़की हिंसा?
जानकारी के अनुसार, अधवारी गांव में राजेंद्र ठाकुर और महेंद्र यादव के बीच लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्हें पहले दो बार कोर्ट से अपने पक्ष में फैसला मिल चुका था, लेकिन हाल ही में महेंद्र यादव के पक्ष में आए आदेश के बाद प्रशासन दखल-दिहानी कराने पहुंचा था।मंगलवार को जब पुलिस और प्रशासनिक टीम जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची, तो राजेंद्र ठाकुर ने इसका विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान उन्होंने अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और देखते ही देखते खुद को आग लगा ली। कुछ ही पल में वे आग की लपटों में घिर गए, जिससे मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
आक्रोशित भीड़ ने अधिकारियों को दौड़ाया
राजेंद्र ठाकुर को जलता देख उनके परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक टीम के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आक्रोशित भीड़ ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को घेर लिया, कई को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। हालात बेकाबू होते देख प्रशासनिक टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा और अधिकारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
इधर, गंभीर रूप से झुलसे राजेंद्र ठाकुर को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत जिरौल के निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।
गांव में तनावपूर्ण माहौल, पुलिस बल तैनात
इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। बेनीपट्टी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शारंग पानी पांडेय सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। फिलहाल अधवारी गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई थानों की पुलिस को गांव में कैंप कराया गया है।पुलिस प्रशासन भीड़ द्वारा किए गए हंगामे, अधिकारियों के साथ कथित धक्का-मुक्की और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।इस घटना ने जमीन विवादों के निपटारे की प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभी की निगाहें राजेंद्र ठाकुर के स्वास्थ्य और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।








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