दरभंगा आर्म्स एक्ट: बिहार के दरभंगा से एक बड़ी खबर सामने आई है। अपराध की योजना बनाते समय विदेशी पिस्टल और मैगजीन जैसे अवैध हथियार के साथ पकड़े गए तीन अपराधियों को कोर्ट ने दो-दो साल की सजा सुनाई है। इस फैसले से आपराधिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
दरभंगा के नवम अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कुमार रितेश की अदालत ने सोमवार को यह अहम फैसला सुनाया। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों, राधेश्याम साह, प्रजा साहू और प्रशांत कुमार को आर्म्स एक्ट की धारा 25 में दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये का अर्थदंड, जबकि धारा 26 में एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
दरभंगा आर्म्स एक्ट: ऐसे हुई थी गिरफ्तारी
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे सहायक अभियोजन पदाधिकारी अभिषेक कुमार राव ने बताया कि यह घटना 16 मार्च 2024 की है। उस दिन एपीएम थाना पुलिस गश्त कर रही थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने थानाक्षेत्र के देवीपुर चौक पर संदिग्ध हालत में मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान, राधेश्याम साह के दाहिने कमर से एक विदेशी पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई। साथ ही, प्रजा साहू और प्रशांत कुमार को दो अवैध मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आरोपियों ने कबूला था अपना जुर्म
पुलिस की पूछताछ में तीनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। इसके बाद, एपीएम थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर रंजू कुमारी के लिखित आवेदन पर एपीएम थाना कांड संख्या 34/24, आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)a, 26/35 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। न्यायालय में इस मामले का विचारण वाद संख्या 3210/24 के तहत प्रारंभ हुआ। ट्रायल के दौरान, अभियुक्तों के विरुद्ध 29 अगस्त 2024 को आरोप तय किए गए। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर अदालत ने सोमवार को तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। यह फैसला दरभंगा आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







