

Harsh Firing: मांगलिक गीतों के शोर में जब गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज जाए, तो समझिए जश्न मातम में बदलते देर नहीं लगती। दरभंगा के बिरौल से एक ऐसी ही दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जनेऊ की रस्म से पहले ही एक मासूम बच्चे की जिंदगी दांव पर लग गई।
घटना बिरौल थाना क्षेत्र के उछती गांव की है। यहां एक 10 वर्षीय किशोर के उपनयन संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। शुक्रवार को उसका जनेऊ होना था, लेकिन गुरुवार शाम को ही खुशियों पर ग्रहण लग गया। जानकारी के अनुसार, परिजन और रिश्तेदार ‘कुमरन’ पूजा की रस्म के लिए पोखर घाट पर इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान अचानक किशोर जमीन पर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शुरुआत में परिवार वालों ने इसे पटाखा लगने की मामूली घटना समझा और बच्चे को लेकर सुपौल बाजार के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टरों को भी यही कहानी बताई। लेकिन जब बच्चे का डिजिटल एक्स-रे किया गया तो सबके होश उड़ गए। एक्स-रे की रिपोर्ट में साफ हुआ कि बच्चे के सिर में कोई पटाखा नहीं, बल्कि एक गोली फंसी हुई है।
पूजा के दौरान हुई Harsh Firing, मासूम के सिर में लगी गोली
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, गोली की पुष्टि होते ही डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की तैयारी की। लगभग पांच घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद बच्चे के सिर से गोली को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल, बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है। इस पूरे मामले में यह बात सामने आ रही है कि पूजा कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों ने अवैध हथियारों से कई राउंड हवाई फायरिंग की थी। आशंका है कि इसी दौरान एक गोली मासूम को जा लगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एक्स-रे ने खोला राज, परिजन बता रहे थे पटाखा
यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी परिजन सच छिपाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने अस्पताल में पटाखा फूटने की झूठी जानकारी दी, जिससे इलाज में देरी भी हो सकती थी। यदि एक्स-रे न होता तो शायद सच्चाई सामने ही नहीं आती। इस उपनयन संस्कार के कार्यक्रम में हुई घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही बिरौल पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने अस्पताल कर्मियों को घायल बच्चे से किसी को भी मिलने नहीं देने का निर्देश दिया है। हालांकि, स्थानीय थानाध्यक्ष ने इस संवेदनशील मामले पर कोई भी विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। बहरहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जश्न में गोली चलाने वाले युवक कौन थे और उनके पास अवैध हथियार कहां से आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हर्ष फायरिंग एक जानलेवा और गैरकानूनी कृत्य है जिस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

