Darbhanga CMR News: दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के समतुल्य चावल आपूर्ति (सीएमआर) को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सीएमआर आपूर्ति की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और राइस मिलरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीएमआर की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मंगलवार, को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीम अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में धान अधिप्राप्ति के बदले सीएमआर आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। विभिन्न प्रखंडों और राइस मिलों द्वारा की जा रही आपूर्ति की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया, ताकि इसमें आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
सीएमआर आपूर्ति में सुस्ती पर डीएम की कड़ी फटकार
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि बेनीपुर प्रखंड द्वारा बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम (एसएफसी) को अब तक सबसे कम सीएमआर उपलब्ध कराया गया है। यह स्थिति अस्वीकार्य है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। कुशेश्वरस्थान स्थित चौधरी राइस मिल के सर्वाधिक स्वीकृति आदेश लंबित पाए गए, जो चिंता का विषय है और आपूर्ति में देरी का एक प्रमुख कारण बन रहा है।
वहीं, बेनीपुर के पुष्पम राइस मिल में सीएमआर गिराने का सर्वाधिक काम लंबित है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने हरिओम राइस मिल, बहेड़ी और मिथिलांचल राइस मिल, हनुमाननगर को निर्देश दिया कि वे इस महीने के अंत तक शत-प्रतिशत सीएमआर एसएफसी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बिठौली पैक्स राइस मिल को 20 जून 2026 तक लंबित सीएमआर की पूर्ण आपूर्ति करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
अरवा पैक्स राइस मिल के संबंध में जिलाधिकारी ने एसएफसी को आवश्यक स्वीकृति आदेश तुरंत जारी करने का निर्देश दिया, ताकि आपूर्ति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, जिससे मिलरों को अपना काम पूरा करने में आसानी हो।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज, तय हुए दैनिक लक्ष्य
सीएमआर आपूर्ति में तेजी लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने विभिन्न राइस मिलों के लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित किए। पुष्पम राइस मिल को प्रतिदिन 5 लॉट, चौधरी राइस मिल को 3 लॉट तथा मिथिलांचल और हरिओम राइस मिल को प्रतिदिन 1-1 लॉट सीएमआर गिराने का लक्ष्य दिया गया है। इन लक्ष्यों का पालन करना अनिवार्य होगा और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक से केवटी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उनके एक दिन के वेतन पर रोक लगाने और संबंधित विभाग को इस संबंध में प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया। यह लापरवाही के प्रति प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाता है और अन्य अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है।
बिरौल प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि नेउरी पैक्स के लिए स्वीकृति आदेश उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित मिलर द्वारा सीएमआर नहीं गिराया जा रहा है। इस गंभीर मामले पर जिलाधिकारी ने विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए, ताकि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जा सके और आपूर्ति बाधित न हो। यह घटना Bihar Rice Mill News के लिए भी एक महत्वपूर्ण अपडेट है, जो राज्य में चावल मिलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है और उनकी जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर देती है।
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15 जून तक 200 लॉट सीएमआर आपूर्ति का कड़ा निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जून 2026 तक कम-से-कम 200 लॉट सीएमआर एसएफसी को हर हाल में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस महीने के अंत तक जिले में लंबित सभी सीएमआर की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि धान अधिप्राप्ति का पूरा चक्र सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला प्रबंधक बीएसएफसी, सहायक निबंधक (दरभंगा एवं बेनीपुर अंचल), सभी प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी तथा संबंधित राइस मिलर उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने शेष सभी कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष बल दिया, ताकि धान अधिप्राप्ति और सीएमआर आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके और इसमें कोई अड़चन न आए।
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इस समीक्षा बैठक के बाद दरभंगा जिले में सीएमआर आपूर्ति को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों और मिलरों पर दबाव है कि वे समय पर अपने लक्ष्यों को पूरा करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। यह कदम किसानों और राज्य की खाद्य सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर सीएमआर की आपूर्ति से किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य मिल पाता है।







