Darbhanga Crime News: दरभंगा जिले के जाले थाना क्षेत्र के बघौल गांव में 5 जून की रात हुई मारपीट की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग चिंतित हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बघौल में खूनी संघर्ष और वीरेंद्र पासवान की शिकायत
बघौल गांव के निवासी वीरेंद्र पासवान ने अपनी शिकायत में बताया कि 5 जून की रात कुछ लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने गांव के ही जयलाल पासवान, दिलीप पासवान, पप्पू पासवान, दुखी पासवान, रही पासवान, ऋतिक पासवान, अमित पासवान और नीतीश पासवान सहित कुल पांच अज्ञात व्यक्तियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। यह घटना आपसी रंजिश या किसी पुराने विवाद का परिणाम हो सकती है, जिसकी जड़ें गांव में गहरी हो सकती हैं।
वीरेंद्र पासवान के अनुसार, इस क्रूर हमले में वह स्वयं, उनकी पत्नी शांति देवी और पुत्रवधू पिंकी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके शरीर पर चोटों के निशान स्पष्ट दिख रहे थे और उन्हें तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वीरेंद्र पासवान ने पुलिस से मांग की है कि सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।
‘डायन’ कहने का गंभीर आरोप: पुनीता देवी की जवाबी प्राथमिकी
दूसरी ओर, इसी घटना के संबंध में जयलाल पासवान की पत्नी पुनीता देवी ने भी जाले थाना में एक जवाबी प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर आरोप लगाया है। पुनीता देवी का कहना है कि जब वह अपनी दुकान पर शांति से बैठी थीं, तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और उन्हें ‘डायन’ कहकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। ग्रामीण इलाकों में ‘डायन’ कहकर किसी महिला पर हमला करना एक गंभीर सामाजिक अपराध और अंधविश्वास का प्रतीक माना जाता है, जिसके अक्सर दुखद परिणाम होते हैं।
पुनीता देवी ने बताया कि इस हमले में वह स्वयं और उनके नंदोसी दुखा पासवान घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्होंने अपनी प्राथमिकी में वीरेंद्र पासवान, करण पासवान, शांति देवी, विक्रम पासवान, पिंकी देवी, सुधाकर कुमार, दिवाकर कुमार, प्रमोद पासवान और ऋषिकेश पासवान को नामजद आरोपी बनाया है। इस तरह दोनों प्रमुख परिवारों के बीच एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें मारपीट के साथ-साथ सामाजिक कलंक के आरोप भी शामिल हैं, जिससे मामले की गुत्थी और उलझ गई है।
पुलिस के लिए चुनौती बना यह मामला
जाले थाना पुलिस के लिए यह मामला अब एक चुनौती बन गया है, क्योंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज कर ली हैं। अब पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों को सजा मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों के बयान, गवाहों के बयान और मौके पर मौजूद साक्ष्य शामिल हैं।
इस घटना के बाद बघौल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और वे पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। यह Jale Crime News अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, और प्रशासन इस पर पैनी नजर रख रहा है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के विवाद अक्सर छोटे-मोटे झगड़ों से शुरू होकर बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। आपसी समझ और कानूनी प्रक्रिया का पालन ही ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र तरीका है। पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील कर रहा है।







