
Darbhanga News: सदियों की गाथा समेटे, ज्ञान और कला की गंगा बहाती मिथिला अब अपनी विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने को तैयार है। केंद्र सरकार की पहल और दरभंगा सांसद की सक्रियता से यह सपना जल्द हकीकत बनने वाला है।
Darbhanga News: 500 करोड़ का सांस्कृतिक संग्रहालय बदलेगा मिथिला की तस्वीर, सांसद ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा पत्र
Darbhanga News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और संवारने का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इसी कड़ी में, केंद्र सरकार द्वारा घोषित 500 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा में बनने वाले राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संग्रहालय के निर्माण की दिशा में शीघ्र ही पहल शुरू की जाएगी। इस संग्रहालय का उद्देश्य मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है।
स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। लोकसभा सचिवालय में हुई इस भेंट के दौरान, सांसद डॉ. ठाकुर ने मंत्री को एक आग्रह पत्र सौंपा, जिसमें सांस्कृतिक संग्रहालय के शीघ्र निर्माण और मिथिला क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने का अनुरोध किया गया।
डॉ. ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 500 करोड़ रुपये की लागत से सांस्कृतिक संग्रहालय की स्थापना के लिए दरभंगा का चयन एक महत्वपूर्ण निर्णय है, और अब इसका निर्माण कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि यह संग्रहालय भारत की सांस्कृतिक विरासत से विकास की परिकल्पना के अंतर्गत एक मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Darbhanga News: मिथिला को मिलेगी वैश्विक पहचान
सांसद डॉ. ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का ध्यान मिथिला की पौराणिक और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि मिथिला प्राचीन काल से ही संस्कृत, वेद, दर्शन, न्याय, साहित्य, संगीत, चित्रकला और अनूठी लोक परंपराओं की एक समृद्ध धरोहर रही है। यह क्षेत्र सांस्कृतिक, शैक्षणिक और बौद्धिक गतिविधियों का ऐतिहासिक केंद्र रहा है। ऐसे में, यहां राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संग्रहालय की स्थापना से मिथिला की गौरवशाली परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान मिलेगी।
यह संग्रहालय मिथिला की प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों, कलाकृतियों और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए एक डिजिटल गैलरी, शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से लोक कला, संगीत, नृत्य और शिल्प जैसी ‘मिथिला संस्कृति’ के विभिन्न आयामों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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डॉ. ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा में इस प्रस्तावित सांस्कृतिक संग्रहालय की उपयोगिता और महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह न केवल मिथिला और बिहार, बल्कि संपूर्ण पूर्वी भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगा। भारत की हजारों साल पुरानी संस्कृति, लोककला, साहित्य, पेंटिंग, पुरातात्विक धरोहर और विभिन्न भाषाओं की पांडुलिपियों को एक ही छत के नीचे लाना अपने आप में एक अनूठा उदाहरण साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सांसद डॉ. ठाकुर ने इस सांस्कृतिक संग्रहालय की परिकल्पना को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन काल भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृत काल साबित हो रहा है, जहां विरासत को संजोकर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संरक्षण और संवर्धन का नया अध्याय
यह राष्ट्रीय संग्रहालय केवल एक भवन मात्र नहीं होगा, बल्कि यह ज्ञान, कला और परंपरा का एक जीवंत केंद्र बनेगा। यहां शोधार्थी, कलाकार और पर्यटक मिथिला की आत्मा से जुड़ सकेंगे। इसका निर्माण क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय कला व शिल्प से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। केंद्र सरकार की यह पहल दर्शाती है कि वह देश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

