Darbhanga drowning: बिहार के दरभंगा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां दो मासूम चचेरी बहनों की पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना सिंहवाड़ा प्रखंड के गौड़ा गांव की है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सिमरी थाना क्षेत्र के गौड़ा गांव में हुई। मृतकाएं दीपू पासवान की 13 वर्षीय पुत्री निशा कुमारी और राम कलेश पासवान की 12 वर्षीय पुत्री मुंडी कुमारी बताई गई हैं। दोनों चचेरी बहनें चूल्हा बनाने के लिए गीली मिट्टी लाने गई थीं, तभी यह हादसा हो गया।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
गांव वालों के मुताबिक, दोनों मासूम बच्चियां अपने घर के पास ही जेसीबी द्वारा खोदे गए एक गड्ढे के पास गीली मिट्टी लेने गईं थीं। बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर गया था, और खेलते-खेलते या मिट्टी निकालने के दौरान वे गहरे पानी में गिर गईं। आस-पास कोई बड़ा मौजूद नहीं था, जिसके कारण उन्हें समय पर बचाया नहीं जा सका। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
Darbhanga drowning के इस हृदयविदारक मामले ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में खुले पड़े खतरनाक गड्ढों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई और गांव का माहौल
सूचना मिलते ही सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अक्सर ऐसे JCB गड्ढे, जो खुले छोड़ दिए जाते हैं, बच्चों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे सभी खुले JCB गड्ढों को सुरक्षित करने या उन्हें भरवाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने निर्माण कार्यों के बाद छोड़े गए असुरक्षित स्थलों, खासकर पानी भरे गड्ढों की तरफ ध्यान खींचा है। ऐसे गड्ढे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए अक्सर बड़ा खतरा बनते हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस Darbhanga drowning जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







