Fake Aadhaar Card: बिहार के दरभंगा में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो अवैध तरीके से आधार कार्ड बना रहा था। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
दरभंगा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक संगठित रैकेट का खुलासा किया है। क्राइम डीएसपी के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा स्थित घोड़दौड़ चौक पर संचालित “जानवी साइबर प्वाइंट” को निशाना बनाया गया। पुलिस ने यहां से इंद्र कुमार (पिता- राजकुमार प्रसाद, निवासी विश्वनाथ पट्टी, सिंहवाड़ा) नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई (पटना) से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि दरभंगा में 14 मोबाइल धारकों द्वारा अवैध सॉफ्टवेयर का उपयोग करके बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा था। सूचना के सत्यापन के बाद डीएसपी बिपिन बिहारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
फर्जी Fake Aadhaar Card रैकेट का ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी इंद्र कुमार बिना किसी वैध लाइसेंस या प्रमाण पत्र के आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा था। पूछताछ के दौरान उसने भवानीपुर निवासी अजीत कुमार के साथ मिलकर अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए आधार कार्ड बनाने का फर्जीवाड़ा करने की बात कबूल की। छापेमारी के दौरान उसकी दुकान से 8 फर्जी आधार कार्ड, 2 बायोमेट्रिक डिवाइस, एक वेब कैमरा और कई आधार पावती रसीदें बरामद हुईं। इसके अलावा, नगर पंचायत भरवाड़ा के वार्ड पार्षद सुमन कुमार रंजन की मुहर भी मिली, जिससे मामले में उनकी संलिप्तता की आशंका बढ़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
छापेमारी के बाद पुलिस ने वार्ड पार्षद सुमन कुमार रंजन के घर पर भी दबिश दी। हालांकि, वार्ड पार्षद उस समय घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन पुलिस ने उनके घर से उनकी मुहर समेत अन्य संबंधित सामान बरामद कर लिया है। डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि Fake Aadhaar Card बनाने की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। मामले में संलिप्त अन्य लोगों और मोबाइल नंबरों की भी गहन जांच की जा रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके के कई साइबर कैफे संचालक अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस रैकेट के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







