Delhi Crime News: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI-अंडरवर्ल्ड का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, 8 गिरफ्तार, दिल्ली में हमले की थी साजिश, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और नेपाल समेत दाऊद के करीबी मुन्ना झिंगाड़ा कनेक्शन का बड़ा खुलासा : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े खुफिया अभियान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), मुंबई अंडरवर्ल्ड और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहजाद भट्टी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े आठ आरोपियों को महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और नेपाल कनेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है, जिससे देश में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है और राजधानी दिल्ली को एक बड़े खतरे से बचाया जा सका है।
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ISI-अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का बड़ा खुलासा: पहली गिरफ्तारी महाराष्ट्र से
विशेष पुलिस आयुक्त अनिल शुक्ला ने बताया कि स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान और दुबई में बैठे शाहजाद भट्टी नेटवर्क तथा ISI से जुड़े हैंडलर भारत में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद एसीपी विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज मेहलावत की टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान सबसे पहले 14 मई 2024 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी विजय उर्फ शूटर (23) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, विजय लगातार पाकिस्तान और दुबई में बैठे शाहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था। उसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आतंकी एवं आपराधिक गतिविधियां संचालित करने का जिम्मा दिया गया था। साथ ही उसे दिल्ली-NCR में हमलों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती करने का भी काम सौंपा गया था। इसके बाद 17 मई को उसके सहयोगी नीतीश पासवान (23) को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया।
दाऊद के करीबी मुन्ना झिंगाड़ा का कनेक्शन: मुंबई-पंजाब से पकड़े गए संदिग्ध
विजय और नीतीश से पूछताछ तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 27 मई को मुंबई से दो अन्य आरोपितों- तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर यावर खान और अंडरवर्ल्ड सरगना मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में थे। इन्हें मुंबई के हुसैफा नामक व्यक्ति ने भर्ती किया था, जो फिलहाल फरार है। हुसैफा शाहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर काम कर रहा था। इन दोनों को दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा प्रतिष्ठानों, पुलिसकर्मियों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर ग्रेनेड हमले और गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था।
मुंबई के आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि पंजाब से एक अन्य टीम दिल्ली पहुंचने वाली है। यह टीम भी उसी नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रही थी। सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने 29 मई की रात महरौली-बदरपुर रोड पर घेराबंदी की और पंजाब के तीन आरोपितों- हरविंदर सिंह (28), गगनदीप सिंह (28) और मनजीत सिंह (23) को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों लुधियाना के रहने वाले हैं और दिल्ली में संवेदनशील ठिकानों तथा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। दाऊद का करीबी माना जाने वाला मुन्ना झिंगाड़ा, जो पाकिस्तान में बैठकर इस मॉड्यूल को चला रहा था, 2000 में दाऊद के इशारे पर छोटा राजन पर हमला कर चुका है। 17 साल थाईलैंड की जेल में रहने के बाद भी वह इस नेटवर्क का हिस्सा बना रहा।
नेपाल तक फैला था जाल: दिल्ली में बड़े हमले की साजिश नाकाम, भारी हथियार बरामद
पंजाब के आरोपितों से पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने नेपाल के नागरिक आंग कामी लामा (66) को भी गिरफ्तार किया। वह काठमांडू के शेरपा कॉलोनी का निवासी है। जांच में सामने आया कि लामा को मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर दिल्ली में आरोपितों के लिए ठिकाने की व्यवस्था करने और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का जिम्मा दिया गया था। आंग कामी लामा वर्ष 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में नारकोटिक्स मामले में बंद रहा था, वहीं उसकी मुलाकात पाकिस्तान के नागरिक एजाज रसूल और मोहम्मद सलीम उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद भी वह मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में बना रहा और बाद में इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
आरोपियों के कब्जे से पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बने चार हैंड ग्रेनेड, दो ग्लॉक पिस्टल, 24 जिंदा कारतूस, चोरी की बाइक और स्कूटी के अलावा पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से हुई बातचीत वाले मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। नेटवर्क का मकसद दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा संस्थानों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था। पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला ने कहा कि समय रहते कार्रवाई कर इस मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया। पूछताछ में नेपाल समेत अन्य देशों से जुड़े कुछ और लिंक भी सामने आए हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। यह हाल के वर्षों में ISI और अंडरवर्ल्ड से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
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