
Darbhanga Vigilance Raid: ‘अकूत संपत्ति का बोझ’ हर किसी को डगमगा देता है, और जब यह बोझ कानूनी दायरे में आए तो उसका परिणाम निगरानी की तीखी तलवार से कम नहीं होता। दरभंगा और मधुबनी में एक कनीय अभियंता के ठिकानों पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी ने इस कड़वी सच्चाई को फिर सामने ला दिया है।
Darbhanga Vigilance Raid: कनीय अभियंता के ठिकानों पर निगरानी का शिकंजा, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा
दरभंगा विजिलेंस रेड: निगरानी का बड़ा अभियान
Darbhanga Vigilance Raid: योजना एवं विकास विभाग के स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, डिवीजन वन में पदस्थापित कनीय अभियंता अंसारुल हक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी विभाग ने बुधवार को दरभंगा और मधुबनी में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा होने की संभावना है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी शशि शेखर चौधरी ने बताया कि कनीय अभियंता अंसारुल हक की बहन ने शिकायत की थी कि उन्होंने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाई है। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद, निगरानी कोर्ट के आदेश पर यह व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। पटना स्थित निगरानी थाना में उनके खिलाफ कांड संख्या 113/25 दर्ज किया गया है।
निगरानी की चार अलग-अलग टीमों ने बुधवार सुबह 10 बजे से ही छापामारी शुरू कर दी थी। दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के भिगो मुहल्ले में दो ठिकानों पर, जिसमें कनीय अभियंता का आवास और जमालपुरा मुहल्ले में उनका दूसरा मकान शामिल है, छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त, आयुक्त कार्यालय परिसर में स्थित उनके कार्यालय में भी तलाशी ली गई। मधुबनी जिले के अंध्रामठ थाना के हरिराहा गांव में स्थित उनके पैतृक घर पर भी निगरानी टीम ने दबिश दी। खबर लिखे जाने तक भिगो स्थित आवास पर छापेमारी जारी थी।
आय से अधिक संपत्ति: जांच का दायरा
हालांकि, आयुक्त कार्यालय से अंसारुल हक से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बताया जा रहा है कि कनीय अभियंता को कार्यालय में कोई विशिष्ट स्थान आवंटित नहीं था। टीम ने उनके अधीन काम करने वाले सहायक अभियंता मंजूर अहमद और कार्यपालक अभियंता से भी पूछताछ की, ताकि अंसारुल हक की कार्यप्रणाली और संपत्ति के स्रोतों के बारे में जानकारी मिल सके। यह छापेमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत देती है।
सूत्रों के अनुसार, कनीय अभियंता अंसारुल हक पर वैध आय से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि उन्होंने दरभंगा में दो तीन मंजिला मकान बनाए हैं, वहीं गांव में भी जमीन के कई प्लॉट खरीदे हैं और एक पक्का मकान बनवाया है। यह सब उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है।
यह भी जानकारी मिली है कि अंसारुल हक पिछले चार महीने पहले ही योजना एवं विकास विभाग में योगदान दिए थे। इससे पहले वे इसी जिले में मनरेगा में कार्यरत थे, जहां से नौकरी छोड़कर उन्होंने वर्तमान पदभार संभाला। छापेमारी के दौरान कनीय अभियंता दो दिनों की छुट्टी पर पाए गए और बताया जा रहा है कि वे किसी कार्य से दिल्ली गए हुए हैं। निगरानी टीम के सदस्यों ने कार्यालय के दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर की भी गहन जांच की है। बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी मुख्यालय से जारी की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दे रही है। निगरानी विभाग की इस व्यापक पहल से सरकारी महकमों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नोट – मार्च 2025 में योजना एवं विकास विभाग में संविदा पर कनीय अभियंता के पद पर योगदान दिए हैं।





