
Darbhanga Knife Attack: जीवन की राहों में कभी-कभी दोस्ती का मुखौटा खूनी साजिशों का पर्दा बन जाता है, और एक मासूम की तकदीर पर अनगिनत वार कर जाता है। दरभंगा के हायाघाट में सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पढ़ाई के लिए घर से निकले एक युवक को उसके दोस्तों ने ही मौत के घाट उतारने की कोशिश की।
Darbhanga Knife Attack: दरभंगा में दोस्ती की खूनी साजिश, युवक पर एक दर्जन चाकू के वार, हालत गंभीर, पटना रेफर
Darbhanga Knife Attack: सरस्वती पूजा के पवित्र दिन खूनी वारदात
दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र स्थित पोराम गांव में एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, एक दर्जन से अधिक युवकों ने मिलकर धारदार चाकू से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित की पहचान पोराम गांव निवासी ब्रह्मदेव झा के पुत्र सचिन झा के रूप में हुई है। चाकू के कई वार सीधे सचिन के लिवर पर लगे हैं, जिससे उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। उसे तत्काल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया है।
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सचिन अपनी पढ़ाई के सिलसिले में दरभंगा जा रहा था। इसी दौरान गुमटी के पास कुछ युवकों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने पहले बेरहमी से उसकी पिटाई की, और फिर अंधाधुंध चाकू से वार करना शुरू कर दिया। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और एक बार फिर बिहार में युवा हिंसा का मामला सामने आया है।
सचिन के चचेरे भाई सिद्धांत कुमार झा ने घटना का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि सचिन घर से पढ़ाई के लिए निकला था। तभी उसके एक कथित क्लासमेट ने फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया। सिद्धांत के अनुसार, यह एक सुनियोजित साजिश थी, क्योंकि मौके पर लगभग 15 से 20 युवक पहले से मौजूद थे, जिनके हाथों में चाकू और अन्य घातक हथियार थे।
आरोप है कि मो. इरशाद नामक युवक, जिसने सचिन को फोन करके बुलाया था, उसने पीछे से लकड़ी के फट्टे से सचिन के सिर पर जोरदार वार किया। इसके तुरंत बाद, अन्य हमलावरों ने सचिन के सीने, पेट, पीठ और बाहों में लगातार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सिद्धांत झा ने आगे बताया कि हमलावर घायल सचिन को घसीटकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी दो स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। शोर सुनकर हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जनता का आक्रोश
घायल सचिन के एक अन्य चचेरे भाई सोहन कुमार झा ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि तुरंत बाइक लेकर घटनास्थल पर पहुंचें। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं था और उनका भाई खून से लथपथ बेहोश पड़ा था। घटना के बाद सचिन का मोबाइल फोन, गले की सोने की चेन और जेब में रखे करीब 2000 रुपये भी गायब थे। सोहन ने सीधा आरोप लगाया कि इरशाद, जो सचिन का दोस्त था, उसी ने फोन कर बुलाकर इस जानलेवा हमले को अंजाम दिलवाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस हमले में 20 से 25 लोग शामिल थे। घायल युवक अभी भी बेहोश है और जिंदगी-मौत से जूझ रहा है।
स्थानीय निवासी दुर्गेश झा ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरस्वती पूजा जैसे पवित्र अवसर पर इस तरह की क्रूर वारदात से पूरा इलाका भयभीत है। उन्होंने कहा कि जिस निर्ममता से सीने, पेट और लिवर के पास चाकू मारे गए हैं, उससे साफ प्रतीत होता है कि हमलावरों की नीयत सचिन की हत्या करने की थी। दुर्गेश झा ने इस बात पर जोर दिया कि अब तक इस इलाके में ऐसी कोई गंभीर घटना नहीं हुई थी, और इस साजिशन हमले से हायाघाट के लोग सदमे में हैं।
स्थानीय समुदाय ने प्रशासन से तत्काल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद वे थाने पहुंचकर जवाब मांगेंगे और बड़े आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस मामले पर एसडीपीओ सदर-1 राजीव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गुमटी के पास युवक पर हमला किए जाने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला दोस्तों के बीच हुए किसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वहीं, हायाघाट थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने दावा किया कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। यह घटना बिहार में युवा हिंसा की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है।




